गुवाहाटी (असम), पांच मई (भाषा) असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया ने सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) पर आरोप लगाया कि वह पंचायत चुनावों के दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा आदर्श आचार संहिता के ‘घोर उल्लंघन’ पर चुप रहा है।
सैकिया ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य पुलिस पर सत्तारूढ़ मोर्चे का समर्थन करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया, ‘प्रचार अभियान के दौरान भाजपा द्वारा कई उल्लंघन किए गए हैं। हमने और अन्य विपक्षी दलों ने कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह से चुप है और उसने कोई कार्रवाई नहीं की है।’
सैकिया ने सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों द्वारा अपने भाषणों में कथित तौर पर सरकारी योजनाओं में नाम शामिल करने की पेशकश करने तथा भाजपा का समर्थन नहीं करने पर मतदाताओं को सूची से बाहर करने की धमकी देने के उदाहरणों का हवाला दिया।
सैकिया ने कहा, ‘सबूत और वीडियो साक्ष्य देने के बावजूद, एसईसी ने समान अवसर बनाए रखने के लिए कुछ नहीं किया है। पुलिस भाजपा के निजी बल के रूप में काम कर रही है।’
सैकिया ने कहा कि लोग भाजपा सरकार और उसकी ‘जनविरोधी’ नीतियों से तंग आ चुके हैं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों पर हिमंत विश्व शर्मा के बार-बार निशाना साधने पर सैकिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास लोगों के सामने उठाने के लिए कोई अन्य मुद्दा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘चूंकि भाजपा सरकार अपने ज्यादातर वादों को पूरा करने में विफल रही है, इसलिए वह लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। शुरुआत में उन्होंने कांग्रेस को लुंगी पार्टी कहकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसलिए अब वे गौरव का नाम घसीटकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।’
निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद पहली बार असम के 27 जिलों में दो और सात मई को दो चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। मतों की गिनती 11 मई को होगी।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप