नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) गीतकार रकीब आलम ने संजय दत्त अभिनीत फिल्म “केडी द डेविल” के गीत “सरके चुनर” के “अश्लील बोल” को लेकर हुए विवाद से मंगलवार को दूरी बना ली और कहा कि इस गीत का कन्नड़ संस्करण से अनुवाद किया गया है और शुरुआत में उन्होंने इसे लिखने से इनकार कर दिया था।
विवाद और आलोचनाओं के बाद गीत आधिकारिक यूट्यूब पेज से हटा दिया गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर यह अब भी साझा किया जा रहा है। चार भाषाओं में डब की गई कन्नड़ फिल्म “केडी द डेविल” 30 अप्रैल को प्रदर्शित होगी।
आलम ने एचटी सिटी से कहा, “मैंने ये बोल नहीं लिखे। फिल्म के निर्देशक प्रेम ने कन्नड़ में ये बोल लिखे थे। जब मुझे ये सब लिखने के लिए कहा गया तो मैंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि ऐसे गीत चलते नहीं है और इसे सेंसर भी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं कन्नड़ संस्करण का शब्दश: अनुवाद करके दूं…वे गीत की लय के हिसाब से इसे सेट कर लेंगे।”
आलम ने बताया, “उन्होंने कहा कि अंत में पूरा गीत शराब की बोतल की तरह है। लेकिन इससे पहले सबकुछ गंदा है। मैंने इनकार कर दिया। मुझे ऐसे गीत लिखने की क्या जरूरत है?”
विवाद के बाद आलम ने कहा कि फिल्म की टीम ने उनसे “साफ-सुथरे बोल के साथ दोबारा” गीत लिखने को कहा।
आलम ने कहा कि वे यह जानते हुए माफीनामे के साथ गीत रिलीज करने की योजना बना रहे थे कि बोल द्विअर्थी हैं।
दत्त और नोरा फातेही के इस हिंदी गीत का वीडियो दो दिन पहले यूट्यूब पर डाला गया था, जिसके बाद देखते ही देखते यह वायरल हो गया।
एक सरकारी सूत्र ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी इस गीत पर ध्यान दिया है, जिसके बाद यूट्यूब को नोटिस भेजने की योजना बनाई गई है।
विवाद के बाद अब गीत का हिंदी संस्करण यूट्यूब पर उपलब्ध नहीं है। हालांकि कन्नड़, मलयाली, तेलुगु और तमिल संस्करण अब भी उपलब्ध हैं। फिल्म के संगीत संबंधी अधिकार आनंद ऑडियो के पास हैं, जिसे केवीएन प्रोडक्शन का समर्थन है।
हिंदी गीत मांगली ने गाया है और इसके बोल मूल रूप से फिल्म के निर्देशक प्रेम ने लिखे हैं। हिंदी संस्करण का श्रेय रकीब आलम को दिया गया है। संगीत अर्जुन जान्या ने दिया है।
संगीतकार अरमान मलिक और फिल्मकार ओनीर ने भी गीत को लेकर चिंता जताई है।
“बोल दो ना जरा”, “वजह तुम हो” और “सब तेरा” जैसे गीतों के लिए मशहूर मलिक ने ‘एक्स’ पर कहा, “काश, मैंने इसे सुना ही न होता। यह मेरी टाइमलाइन पर दिखा और मुझे इसे दोबारा सुनना पड़ा ताकि मैं सुनिश्चित कर सकूं कि मैंने इसे सही सुना है। गीत लेखन को इस स्तर तक गिरते देखकर बहुत दुख हुआ। मेरे पास सचमुच कहने के लिए शब्द नहीं हैं।”
फिल्मकार ओनीर ने सवाल किया कि गीत पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया?
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “सेंसर बोर्ड फिल्म घूसखोर पंडत के नाम में उलझा हुआ है। हमारा देश अजीब स्थिति में जा रहा है…वैलेंटाइंस डे और अंतरधार्मिक विवाह का विरोध होता है, लेकिन इस गंदगी से कोई दिक्कत नहीं है। ”
सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने गीत-संगीत के निम्नतर स्तर को लेकर निर्माताओं की आलोचना की।
‘एक्स’ पर एक व्यक्ति ने लिखा, “यह देखकर दुख होता है कि मुख्यधारा के गानों में भद्दे और अश्लील बोल कितने आम हो गए हैं। सनसनी फैलाना रचनात्मकता नहीं है। बॉलीवुड संगीत में कभी शायरी, भावनाएं और गहराई हुआ करती थी। हमें वापस वहीं लौटना चाहिए।”
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “आज संगीत का स्तर इतना घटिया और घृणित हो गया है।”
एक व्यक्ति ने लिखा कि गीत पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
इसी तरह एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “यह बेहद शर्मनाक है, कुछ पैसों के लिए लोग ऐसे गाने लिखते हैं, इस तरह के बेतुके संगीत की रचना करते हैं और गायक उन्हें गाते हैं। यहां तक कि अभिनेता भी इस तरह के घिनौने कंटेंट पर थिरकते हैं।”
आलम ने कहा कि विवाद से उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
उन्होंने एचटी सिटी से कहा, “जब मैं अच्छे गाने लिखता हूं, तो लोग ध्यान नहीं देते। मैंने राम चरण की आने वाली फिल्म ‘पेड्डी’ के लिए ‘चिकरी चिकरी’ हिंदी में लिखा है। ‘पुष्पा’ के सभी हिंदी गाने मैंने ही लिखे हैं।”
भाषा जोहेब नरेश
नरेश