सत्यार्थी मूवमेंट ने वैश्विक बदलाव के लिए युवाओं को तैयार करने के वास्ते फेलोशिप शुरू की
सत्यार्थी मूवमेंट ने वैश्विक बदलाव के लिए युवाओं को तैयार करने के वास्ते फेलोशिप शुरू की
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) ‘सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन’ (एसएमजीसी) ने एक साल का ‘सत्यार्थी फेलोशिप’ वैश्विक कार्यक्रम शुरू किया है जिसका उद्देश्य युवाओं को ‘‘करुणा को कार्य में बदलने और सामाजिक बदलाव को आगे बढ़ाने’’ के लिए प्रशिक्षित करना है।
यहां एससीओपी कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार को फेलोशिप की शुरुआत होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने में युवाओं, नेतृत्व और करुणा की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने फेलोशिप की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल कई पारंपरिक फेलोशिप से अलग है, जिन्हें विशेष मुद्दों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने, सक्षम बनाने और उनसे जुड़ने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘कई फेलोशिप कार्यक्रम युवाओं को कुछ उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षित करने, सक्षम बनाने और उनसे जुड़ने के लिए बनाए जाते हैं। लेकिन यह अलग है। क्योंकि ये युवा यहां केवल सीखने के लिए नहीं आए हैं। वे दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।’’
यह पहल सत्यार्थी समर स्कूल पर आधारित है और 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए तीन सप्ताह का कार्यक्रम है। इसे सतत कार्य, संरक्षक और संस्थागत प्रभाव पर केंद्रित करते हुए एक साल के नेतृत्व कौशल प्रशिक्षण तक विस्तारित किया गया है।
इस फ़ेलोशिप के संरक्षकों में तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता होज़े रामोस-होर्टा, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लेमाह ग्बोवी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस, इंफ़ोसिस के संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति, इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन के महासचिव मार्टिन चुंगोंग, स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफ़न लोफ़वेन और अपोलो हॉस्पिटल्स के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी शामिल हैं।
हालांकि पहले बैच के लिए आवेदन बंद हो चुके हैं, लेकिन 2027 सत्यार्थी फ़ेलोशिप बैच के लिए आवेदन जनवरी 2027 में शुरू होंगे।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

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