न्यायालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित की
न्यायालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित की
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने कहा कि वह होली की छुट्टियों के दौरान वांगचुक द्वारा दिए गए भाषणों के वीडियो को देखेगी।
पीठ ने कहा, ‘‘हम उन पेन ड्राइव (की सामग्री) को देखना चाहते हैं। हमने रजिस्ट्रार से छुट्टियों के दौरान व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।’’
उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह याचिका पर सुनवाई 10 मार्च को पूरी कर लेगा।
उच्चतम न्यायालय ने 23 फरवरी को मामले की सुनवाई 26 फरवरी के लिए स्थगित कर दी थी क्योंकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं थे।
जब मामले की सुनवाई शुरू हुई, तो केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने यह कहते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया कि मेहता किसी अन्य अदालत में व्यस्त हैं।
अंगमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ऐसा नहीं किया जा सकता और केंद्र सरकार को लिखित जवाब दाखिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
इसके बाद पीठ ने केंद्र के वकील को मेहता से दोपहर 3:45 बजे पेश होने को कहा और मामले को स्थगित कर दिया। बाद में जब मामले पर सुनवाई हुई, तो मेहता पीठ के समक्ष उपस्थित हुए और बताया कि एक सीडी जमा कर दी गई है और अदालत द्वारा उसे देखने के बाद वे अपनी दलील रखेंगे।
इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की और कहा कि वह तब तक वीडियो देख लेगी।
भाषा शफीक रंजन
रंजन

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