नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 13 याचिकाओं पर कार्यवाही बंद कर दी, जिनमें द्रमुक की वह याचिका भी शामिल है जिसमें तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने द्रमुक के संगठन सचिव आर.एस. भारती की ओर से पेश वकील विवेक सिंह की दलीलें सुनीं।
वकील ने कहा कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायालय के फैसले को देखते हुए इन याचिकाओं पर सुनवाई या फैसले की जरूरत नहीं है।
इसके बाद पीठ ने मुद्दे से जुड़ी सभी 13 याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश के नेतृत्व वाली एक पीठ ने 27 मई को बिहार में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुनाया था और इस प्रक्रिया को कराने का निर्वाचन आयोग का अधिकार बरकरार रखा था।
पिछले साल तीन नवंबर को द्रमुक ने एसआईआर के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था और इसे ‘‘असंवैधानिक, मनमाना तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा’’ बताया था।
भाषा
नेत्रपाल नरेश
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