न्यायालय ने तरुण तेजपाल की याचिका खारिज की, दो सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का निर्देश

न्यायालय ने तरुण तेजपाल की याचिका खारिज की, दो सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का निर्देश

न्यायालय ने तरुण तेजपाल की याचिका खारिज की, दो सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का निर्देश
Modified Date: August 25, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: August 25, 2026 2:40 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पत्रकार तरुण तेजपाल की उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा 2013 के दुष्कर्म मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद आत्मसमर्पण से राहत का अनुरोध किया था।

न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।

पीठ ने सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उनकी अपील को 22 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, हालांकि इसके लिए उन्हें पहले आत्मसमर्पण प्रमाणपत्र जमा करना होगा।

बंबई उच्च न्यायालय ने छह अगस्त को समाचार पत्रिका ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

उच्च न्यायालय ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था।

यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल की एक पूर्व कनिष्ठ महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न से संबंधित है।

निचली अदालत ने 2021 में तेजपाल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।

भाषा

खारी मनीषा नेत्रपाल

नेत्रपाल


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