अदालत ने ‘घृणास्पद भाषण’ को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर असम के मुख्यमंत्री को नोटिस जारी किया

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अदालत ने ‘घृणास्पद भाषण’ को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर असम के मुख्यमंत्री को नोटिस जारी किया

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 07:40 PM IST

गुवाहाटी, 26 फरवरी (भाषा) गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को कई जनहित याचिकाओं के संबंध में नोटिस जारी किया, जिनमें उन पर ‘मियां’ समुदाय के खिलाफ ‘‘घृणास्पद भाषण’’ देने और ‘‘सांप्रदायिक टिप्पणी’’ करने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले से संबंधित तीन अलग-अलग याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी नोटिस जारी किये गये।

मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने तीनों याचिकाओं पर सुनवाई की।

अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 21 मार्च तय की है।

याचिकाकर्ताओं में से एक के अधिवक्ता शांतनु बोरठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्रतिवादियों को अगली तारीख से पहले नोटिस का जवाब देना होगा। न्यायालय ने कोई अन्य आदेश जारी नहीं किया है।’’

असमिया साहित्यकार हिरेन गोहेन, पूर्व डीजीपी हरेकृष्ण डेका और वरिष्ठ पत्रकार परेश मलाकर ने 24 फरवरी को एक याचिका दायर की थी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी 21 फरवरी को अलग-अलग याचिकाएं दायर कर मुख्यमंत्री को इस तरह की टिप्पणियां करने से रोकने का अनुरोध किया था।

उच्चतम न्यायालय ने 16 फरवरी को शर्मा के खिलाफ कार्रवाई संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। इन याचिकाओं में उस वायरल वीडियो को लेकर कार्रवाई का आग्रह किया गया था, जिसमें कथित तौर पर शर्मा एक विशेष समुदाय के सदस्यों की ओर राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखे थे।

‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है।

भाषा देवेंद्र अविनाश

अविनाश