नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय वोल्वो कार मालिकों की उस याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया जिसमें निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में ईंधन नहीं देने के नियम में छूट देने का अनुरोध किया गया है।
शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के राज्यों के परिवहन विभागों को 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के सड़कों पर चलने पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से एक वकील ने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुए कहा कि कार मालिकों को ईंधन लेने में परेशानी हो रही है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘लेकिन यह प्रदूषण से जुड़ा मामला है…आप देखिए।’’
वकील ने कहा, ‘‘ये उच्च श्रेणी की वोल्वो कारें हैं। ये लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहती हैं और हम प्रदूषण संबंधी सभी मानकों का पालन कर रहे हैं।’’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘बहरहाल, हम इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे।’’
शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष 17 दिसंबर को दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उन पुराने वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की अनुमति दी थी जो भारत चरण-चार (बीएस-चार) उत्सर्जन मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
अदालत ने अपने 12 अगस्त 2025 के उस आदेश में संशोधन किया था जिसमें 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर पूर्ण रोक लगाई गई थी।
भाषा सिम्मी नरेश
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