चेन्नई, 23 मई (भाषा) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के ए. एम. शाहजहां और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) के वन्नी अरासु को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाले तमिलनाडु मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि कुछ समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात की तुलना में मंत्रिमंडल में अधिक स्थान दिया गया है, जबकि मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व बहुत कम है।
एसडीपीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘सरकार का यह दायित्व है कि वह सभी समुदायों के लिए उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे।’’
एसडीपीआई ने कहा कि सत्तारूढ़ टीवीके के कुछ और मुस्लिम विधायकों को मंत्री बनाया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि सामाजिक न्याय की बात करने वाले सत्तारूढ़ दल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके मंत्रिमंडल में कम से कम पांच मुस्लिम मंत्री हों।
एसडीपीआई ने कहा, ‘‘इसके अलावा, मुस्लिम मंत्रियों को उनके नाम के कारण केवल अल्पसंख्यक कल्याण जैसे परंपरागत और संकुचित विभागों तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।’’
पार्टी ने कहा कि पड़ोसी राज्य केरल में मुस्लिम मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। केरल में मुस्लिम लीग सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है।
एसडीपीआई ने कहा, ‘‘इसी तर्ज पर तमिलनाडु में भी शिक्षा, उद्योग और राजस्व जैसे सरकार की नीति तय करने वाले प्रमुख विभागों के लिए मुस्लिम मंत्रियों के नाम पर विचार किया जाना चाहिए।’’
भाषा सिम्मी सुरभि
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