कोविड-19 की दूसरी लहर से बेहतर तरीके से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों की मदद लें : पटनायक

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कोविड-19 की दूसरी लहर से बेहतर तरीके से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों की मदद लें : पटनायक

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  • Publish Date - May 12, 2021 / 05:45 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:30 PM IST

भुवनेश्वर, 12 मई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के आपदा प्रबंधन मॉडल के कोविड-19 से निपटने में सक्षम होने की बात पर जोर देते हुए अधिकारियों से वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से अधिक प्रभावी तरीके से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों की मदद लेने को कहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘आपदा प्रबंधन का हमारा सफल मॉडल सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है और यह वैश्विक महामारी से निपटने में सक्षम है।’’

पटनायक ने कहा कि अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में विभिन्न संघों और ग्रामीण क्षेत्रों में पीआरआई (पंचायती राज संस्थान) के सदस्यों की मदद लेनी चाहिए ताकि परेशानी में फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।

उन्होंने कहा कि सभी कोविड योद्धाओं की कड़ी मेहनत और लोगों के सहयोग ने राज्य की काफी हद तक वैश्विक महामारी से निपटने में मदद की है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, यह चुनौती बड़ी और लड़ाई लंबी है।’’

पटनायक ने कहा कि ओडिशा उन कुछ राज्यों में शामिल है, जिसकी सरकार जांच से लेकर उपचार तक, रहने के स्थान से लेकर दवाई तक लोगों को मुफ्त में मुहैया करा रही है।

पटनायक ने मंगलवार शाम कहा, ‘‘हालांकि, इसके लिए सरकार को काफी संसाधनों का आवंटन करना पड़ा… हम ‘मो सरकार’ कार्यक्रम के तहत लोगों की राय भी जान रहे हैं और आगे भी ऐसा करना जारी रखेंगे।’’

उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को टीके लगाना ओडिशा सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम जल्द से जल्द पर्याप्त टीके जुटाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’

पटनायक ने अधिकारियों को निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार पर नजर रखने को भी कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमण के मरीजों से उपचार के लिए वे राज्य सरकार द्वारा तय दर के अनुसार ही शुल्क लें। किसी भी तरह की चूक पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों के परिवार को नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी दी जाए।

पटनायक ने कहा कि अग्नि सुरक्षा और मेडिकल ऑक्सीजन संबंधी साजो-सामान को भी उच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ जांच, संक्रमितों की पहचान और निरुद्ध क्षेत्र घोषित करना जारी रहे और इसमें विशेष ध्यान संवेदनशील इलाकों पर दिया जाए।’’

भाषा निहारिका मनीषा गोला

गोला