अलग हवाई रक्षा कमान की स्थापना से नुकसान हो सकता है : वायुसेना प्रमुख

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अलग हवाई रक्षा कमान की स्थापना से नुकसान हो सकता है : वायुसेना प्रमुख

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  • Publish Date - July 15, 2022 / 07:42 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:51 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि अलग हवाई रक्षा कमान की स्थापना से फायदा के बदले नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश की वायु शक्ति के सभी तत्वों को मिलकर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य की विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके।

वायु सेना प्रमुख चौधरी ने यह भी कहा कि अलग हवाई रक्षा प्रणालियों की भविष्य के युद्धों में उस समय तक बहुत प्रासंगिकता नहीं होगी जब तक कि वे किसी बड़ी एकीकृत हवाई रक्षा प्रणाली का हिस्सा नहीं हों। उन्होंने यह टिप्पणी एक संगोष्ठी में की।

उन्होंने कहा कि हवाई क्षेत्र प्रभावी हवाई रक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हवाई क्षेत्र के अंदर सभी तत्वों के बीच करीबी समन्वय की आवश्यकता है और वायु रक्षा (एडी) कमान की स्थापना नुकसानदेह साबित हो सकती है क्योंकि हवाई रक्षा ऑपरेशन जवाबी ऑपरेशन से जुड़े होते हैं।

एयर चीफ मार्शल ने कहा ‘एडी और युद्धक मिशन आपस में करीबी रूप से जुड़े हुए हैं और अगर उन्हें अलग-अलग कर दिया जाए तो ये न केवल असंबद्ध हो जाएंगगे, बल्कि संयुक्त रणनीति के कार्यान्वयन में भी अप्रभावी हो जाएंगे।’

वायु सेना प्रमुख चौधरी ने कहा कि आधुनिक 4.5 और पांचवीं पीढ़ी के विमानों की क्षमता व्यापक है और उन विमानों को किसी एक भूमिका तक सीमित कर देने से उनका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पाएगा।

भाषा अविनाश माधव

माधव