नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) भारत की समुद्री आक्रमण क्षमताओं को बढ़ावा देते हुए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा भारतीय नौसेना ने बुधवार को कम दूरी की पोत विध्वंसक मिसाइल प्रणाली का पहला ‘साल्वो लॉन्च’ सफलतापूर्वक किया।
‘साल्वो लॉन्च’ का तात्पर्य एक ही लॉन्चर से कुछ ही सेकंड के भीतर कई मिसाइल तेजी से और लगातार दागे जाने से है। दुश्मन की रक्षा प्रणाली को ध्वस्त करने के लिए डिजाइन की गई यह रणनीति उच्च सटीकता वाले, एक के बाद एक हमले सुनिश्चित करती है।
यह परीक्षण ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट से दूर नौसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए किया किया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, नौसेना, भारतीय वायुसेना और परियोजना में शामिल उद्योग भागीदारों को बधाई दी।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘परीक्षण के दौरान, एक ही हेलीकॉप्टर से दो मिसाइल तेजी से दागी गईं, जिससे यह हवा से दागी जाने वाली पोत विध्वंसक मिसाइल प्रणाली का पहला सामूहिक प्रक्षेपण बन गया।’’
इसने कहा कि चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल प्रणाली और टेलीमेट्री जैसे विभिन्न ‘रेंज ट्रैकिंग’ उपकरणों का उपयोग करके प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सभी परीक्षण उद्देश्यों को पूरी तरह से प्राप्त कर लिया गया।
भाषा नेत्रपाल माधव
माधव