अमित शाह ने माता अमृतानंदमयी के समाज सेवा कार्यों और वैश्विक प्रभाव की सराहना की

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अमित शाह ने माता अमृतानंदमयी के समाज सेवा कार्यों और वैश्विक प्रभाव की सराहना की

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  • Publish Date - September 26, 2026 / 09:44 PM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 09:44 PM IST

कोल्लम (केरलम), 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी के के समाज सेवा कार्यों और दुनिया भर में लोगों पर उनके प्रभाव की सराहना की।

शाह यहां वल्लिकावु स्थित अमृतपुरी में माता अमृतानंदमयी के 73वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘विश्व सेवा दिनम’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

शाह ने कहा कि अम्मा के सान्निध्य में आकर जीवन के सभी दायित्वों से ऊपर मनुष्य होने का अर्थ समझ में आ जाता है।

उन्होंने कहा, ‘असंवेदनशील व्यक्ति के मन में भी यहां आकर अम्मा द्वारा किए गए सेवा कार्यों के प्रति कृतज्ञता का भाव ही आता है।’

शाह ने कहा कि माता अमृतानंदमयी पिछले पांच दशक से पीड़ित लोगों के आंसू पोंछ रही हैं।

शाह ने कहा, ‘विश्व सेवा दिनम के दौरान अम्मा के जन्मदिन को हम सभी मनपूर्वक मना रहे हैं, क्योंकि जिन्होंने 5 दशकों से पीड़ित के आंसू पोंछने को अपनी साधना और धर्म बनाया है, उनके उत्सव भी सेवा के रूप में ही मनाए जाने चाहिए। ‘

शाह ने कहा कि अमृतानंदमयी जैसी हस्तियां सहानुभूति के माध्यम से समाज को जोड़ने और एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘अम्मा जैसी विभूति ही न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के करोड़ों लोगों को एक-दूसरे का दुख समझने की संवेदना औऱ ज्ञान देते हैं। विश्व के करोड़ों लोगों को अम्मा के आलिंगन ने एक बोध कराया है कि अपने दुख में वो अकेला नहीं है, बल्कि अम्मा उनके साथ हैं।

उन्होंने 27 सितंबर 2015, तीन अप्रैल 2016 और चार जून 2023 को अमृतानंदमयी से हुई अपनी मुलाकातों की चर्चा करते हुए कहा कि विश्व सेवा दिवस के अवसर पर उनका आशीर्वाद मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है।

शाह ने 2001 में गुजरात में आए भूकंप को याद करते हुए कहा कि यह पहला अवसर था, जब उन्होंने अमृतानंदमयी की करुणा का अनुभव किया था।

उन्होंने कहा कि भूकंप प्रभावित लोगों के लिए उन्होंने 1,200 मकान और एक पूरा गांव बसाया था, जिसमें टाउन हॉल, शिक्षण सुविधा, अस्पताल, जलापूर्ति और जल निकासी की व्यवस्था भी शामिल थी।

उन्होंने कहा कि बाद में इस गांव को ‘अम्मा के गांव’ के नाम से जाना जाने लगा।

शाह ने कहा कि अमृतानंदमयी की सेवा पूरे साल जारी रहती है और यह केवल वार्षिक आयोजनों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनके जीवन को भाव, कर्म और करुणा के तीन पहलुओं के माध्यम से देखा जा सकता है, जिसमें स्वाभाविक करुणा उनके व्यक्तित्व का आकर्षण है।

शाह ने कहा, ‘हर व्यक्ति कभी न कभी जीवन में निस्वार्थ सेवा करता है, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिनका पूरा जीवन ही निस्वार्थ सेवा में रम जाता है। अम्मा का पूरा जीवन निस्वार्थ सेवा में ही व्यतीत हुआ है।’

उन्होंने कहा कि अमृतानंदमयी ने सेवा की अपनी भावना को संस्थागत रूप दिया और इसे वैश्विक अभियान में बदल दिया।

कार्यक्रम में केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन, आबकारी मंत्री एम. लिजू और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप