कोप्पल (कर्नाटक), तीन मई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के प्रमुख सलाहकार बसवराज रायरेड्डी ने रविवार को कहा कि वह (सिद्धरमैया) अपने पद पर बने रहेंगे, लेकिन उनका विचार है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार रायरेड्डी ने खरगे से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में सिद्धरमैया की जगह उन्हें लेनी चाहिए।
ये बयान ऐसे समय में आये हैं जब कांग्रेस और राजनीतिक हलकों में चार मई के बाद नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें चल रही है।
कहा जा रहा है कि जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव तथा कर्नाटक में दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के परिणाम चार मई को घोषित हो जाएंगे तो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन एवं मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है।
रायरेड्डी ने कहा, ‘‘पिछले हफ्ते मेरी मुलाकात खरगे से हुई और मैंने उनसे करीब 30 मिनट तक राजनीति, खासकर पार्टी और राज्य के प्रशासनिक मामलों पर चर्चा की। मैंने उनसे कहा कि अगर पार्टी को दोबारा सत्ता में आना है तो पार्टी को लेकर फैली मौजूदा अनिश्चितता को खत्म करना होगा।’’
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री रहना चाहिए और अगर उन्हें हटाना ही है तो विधायकों की राय लेनी चाहिए। मैंने उन्हें स्पष्ट कर दिया कि मेरी निजी राय में, अगर किसी को सिद्धरमैया की बराबरी करनी है तो मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए, अगर नहीं तो सिद्धरमैया को ही पद पर बने रहना चाहिए।’’
रायरेड्डी ने कहा कि अगर कोई बदलाव होना है तो यह देखना होगा कि वरिष्ठता क्रम में सिद्धरमैया की जगह कौन ले सकता है, ऐसे में ‘वरिष्ठता के मामले में, खरगे मौजूद हैं और उनके प्रति (लोगों का) स्नेह भी है।’’
विधायक ने खरगे का हवाले देते कहा, ‘‘लेकिन खरगे ने जवाब देते हुए कहा, ‘अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनना ही होता, तो उन्हें 2008 में ही बन जाना चाहिए था, लेकिन उस चुनाव में मेरे (रायरेड्डी) समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हार गए थे। उसके बाद, उनका समय अनुकूल नहीं था, इसलिए वह मुख्यमंत्री नहीं बन सके और चूंकि सिद्धरमैया का समय अनुकूल था, इसलिए वह मुख्यमंत्री बन गये।’’
खरगे को मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी गृह मंत्री जी. परमेश्वर के हालिया बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘आप (मीडिया), वह (परमेश्वर) और शीर्ष स्तर के लोग कहते हैं कि मेरा मुख्यमंत्री बनना बेहतर होगा, लेकिन भाग्य से अधिक, मेरी विचारधारा और पार्टी के प्रति अब तक की मेरी सेवा के आधार पर सोनिया गांधी मेरे बारे में निर्णय लेती हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘लेकिन अभी यह सवाल उठता ही नहीं है। यहां पहले से ही एक मुख्यमंत्री हैं। अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुझे मिलकर इस दिशा में कोई निर्णय लेना होगा, तो इसमें कुछ समय लगेगा। देखते हैं क्या होता है।’’
रायरेड्डी ने आज कहा कि उन्होंने खरगे से शासन और पार्टी के हितों को ध्यान में रखते हुए 25 मंत्रियों को बदलकर मंत्रिमंडल में फेरबदल करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मंत्री बनने की गुहार नहीं लगाई। यह उनपर निर्भर करता है कि वह मुझे मंत्री बनाएं या नहीं।’’
उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सिद्धरमैया को हटाया नहीं जाएगा और वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर 2028 के चुनाव में जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस सत्ता में वापस आती है तो क्या होगा, ‘मुझे नहीं पता।’
इस बीच, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद हुए सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुसार उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने पर जोर दे रहे हैं। शिवकुमार के कुछ समर्थकों ने तो यहां तक दावा किया है कि उनके जन्मदिन 15 मई तक ‘खुशखबरी’ मिलने की उम्मीद है।
शिवकुमार के खेमे द्वारा अपने नेता के मुख्यमंत्री बनने के दावों पर रायरेड्डी ने कहा कि हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘राय साझा करने में क्या गलत है? क्या हम कह रहे हैं कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए? उन्हें भी मुख्यमंत्री बनने दीजिए।’’
भाषा
राजकुमार सुरेश
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