कोलकाता, 11 जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन को लेकर हस्ताक्षर जालसाजी मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बृहस्पतिवार को अंतरिम राहत प्रदान की।
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने तीन सप्ताह के लिए अंतरिम संरक्षण देते हुए बनर्जी को निर्देश दिया कि वह मामले में पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में उपस्थित हों।
बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि सांसद दिल्ली से कोलकाता लौट रहे हैं और उनका शाम करीब चार बजे पहुंचने का कार्यक्रम है।
मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा उनके कालीघाट स्थित आवास पर बुलाई गई एक बैठक से जुड़ा है, जिसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नाम पर चर्चा की गई थी।
आरोप है कि इस संबंध में तैयार किए गए दस्तावेजों पर कई विधायकों के हस्ताक्षर उनकी अनुपस्थिति के बावजूद कर दिए गए। इन आरोपों के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
भाषा गोला मनीषा
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