जीवन में सादगी सबसे बड़ी उपलब्धि: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद

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जीवन में सादगी सबसे बड़ी उपलब्धि: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 09:31 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 09:31 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऊंचे पद पर पहुंचने के बावजूद सादगी बनाए रखना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

वह दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘‘विकसित भारत 2047 और नागरिकों की भूमिका’’ विषय पर आयोजित स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।

दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस रीगल लॉज के सम्मेलन कक्ष में आयोजित ओम प्रकाश कोहली स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कोविंद ने कहा कि गुजरात के पूर्व राज्यपाल और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर ओम प्रकाश कोहली ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में शिक्षक की विनम्रता बनाए रखी।

कोविंद ने कहा, ‘‘सादगी बनाए रखना जीवन का सबसे बड़ा कार्य है। ऊंचे पद पर रहते हुए अपनी सादगी बनाए रखना वास्तव में एक महान गुण है।’’

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा प्रतिबद्धता है।

कोविंद ने पिछले एक दशक में अर्थव्यवस्था, सामाजिक कल्याण, रक्षा और अंतरिक्ष समेत विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि अब ध्यान सतत विकास पर होना चाहिए।

उन्होंने कोहली को ‘‘अपने आप में एक संस्था’’ बताते हुए कहा कि उन्होंने आपातकाल जैसे कठिन दौर में भी अपने कर्तव्यों और सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता बनाए रखी।

पूर्व राष्ट्रपति ने जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में शिक्षकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा में ज्ञान के साथ मूल्यों और कौशल का समावेश होना चाहिए।

कोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने वाले संस्थानों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि उन्हें ऐसे स्थान होना चाहिए जो विद्यार्थियों को जीवन में सही राह पर आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दें।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश