कोलकाता, 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य में जारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया ‘‘अनेक पात्र मतदाताओं को बिना उचित अवसर दिए’’ सूची से बाहर करके लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
सरकार ने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनाव प्रचार में पूरी तरह उतर चुके हैं, वहीं कांग्रेस के कंधों पर “कहीं अधिक बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी” है।
उन्होंने कहा, “यदि एक भी पात्र मतदाता छूट जाता है तो इसे लोकतंत्र का पर्व नहीं, लोकतंत्र की अंतिम यात्रा कहा जाएगा।”
उन्होंने दावा किया कि दिन में एक और सूची जारी होने की संभावना है, लेकिन उससे भी पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद नहीं है। उनके अनुसार, नामों को चरणबद्ध तरीके से जारी करना सार्वजनिक आक्रोश को बढ़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने की एक “रणनीति” है।
पुनरीक्षण प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए सरकार ने कहा कि पूर्व में यदि किसी पात्र मतदाता के दस्तावेज अधूरे होते थे तो उसे दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया जाता था।
उन्होंने आरोप लगाया, “इस बार वह अवसर नहीं दिया गया है। इसके बजाय ‘तार्किक विसंगति और न्यायिक निपटारा जैसे शब्दों का प्रयोग कर भ्रम और भय का वातावरण बनाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि पात्र मतदाताओं को अनिश्चितता में रखकर उम्मीदवारों की घोषणा की जा रही है। राज्य ऐसे चुनाव का सामना कर रहा है, जिसमें तिथियों की घोषणा के बावजूद मतदाताओं का भविष्य कानूनी जटिलताओं में उलझा हुआ है।”
सरकार ने कहा कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने से पहले सभी पात्र मतदाताओं के साथ खड़े रहना अपना सर्वोपरि दायित्व मानती है।
उन्होंने आरोप लगाया, “पश्चिम बंगाल में हर दिन लोकतंत्र की हत्या हो रही है।”
भाषा खारी नरेश
नरेश
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