केरल में ‘‘अंधाधुंध कर्ज’’ को लेकर सीतारमण ने एलडीएफ सरकार पर निशाना साधा

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केरल में ‘‘अंधाधुंध कर्ज’’ को लेकर सीतारमण ने एलडीएफ सरकार पर निशाना साधा

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 08:33 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 08:33 PM IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

त्रिशूर (केरल), पांच अप्रैल (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की रविवार को आलोचना करते हुए उस पर अंधाधुंध कर्ज लेकर राज्य की अर्थव्यवस्था को ‘‘नुकसान’’ पहुंचाने का आरोप लगाया।

सीतारमण ने विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रचार अभियान के तहत कोडुंगल्लूर में रोडशो के दौरान पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय तक कम्युनिस्ट शासन ने आर्थिक वृद्धि पर प्रतिकूल असर डाला है।

उन्होंने कोडुंगल्लूर निर्वाचन क्षेत्र में राजग उम्मीदवार वर्गीज जॉर्ज के लिए प्रचार करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में 30 साल के कम्युनिस्ट शासन ने राज्य की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। केरल में भी यही हो रहा है।’’

सीतारमण ने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केरल का कुल कर्ज 2014 के स्तर की तुलना में 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को नहीं पता कि वे उधार लिए गए इस पैसे का क्या कर रहे हैं। किसी को नहीं पता कि यह कहां गया। इसका भुगतान कौन करेगा?’’

उन्होंने कहा कि कर्ज का बोझ आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।

सीतारमण ने आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा ऋण चुकाने पर खर्च कर रही है जिससे राज्य के विकास के लिए बहुत कम धन बचता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र की सहायता का जिक्र करते हुए दावा किया कि केरल में कई लाभार्थियों को अब तक मकान नहीं मिले हैं। उन्होंने धन के उपयोग पर सवाल उठाया।

सीतारमण ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) नीत सरकार पर व्यक्तिगत उपक्रमों को समर्थन देने में विफल रहने का भी आरोप लगाया और कहा कि राज्य में उद्योगों और निवेश के लिए अनुकूल माहौल नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक वामपंथी सरकार सत्ता में बनी रहेगी, प्रोत्साहन के अभाव में राज्य में कोई उद्योग विकसित नहीं होगा।’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘इसलिए अब हम केरल में एलडीएफ और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच सत्ता की अदला-बदली का यह क्रम नहीं चाहते।’’

केरल में नौ अप्रैल को मतदान होगा।

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष