मंत्री पद के लालच में अन्नाद्रमुक के कुछ विधायकों ने ‘क्रॉस वोटिंग’ की : पलानीस्वामी

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मंत्री पद के लालच में अन्नाद्रमुक के कुछ विधायकों ने ‘क्रॉस वोटिंग’ की : पलानीस्वामी

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 04:33 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 04:33 PM IST

चेन्नई, 13 मई (भाषा) अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ विधायकों ने बुधवार को टीवीके सरकार के बहुमत परीक्षण में मंत्री पद के ‘‘लालच’’ में आकर क्रॉस वोटिंग की और उनका यह कदम ‘‘अनुचित और अवैध’’ था।

वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक के कुल 25 विधायकों ने सी जोसफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार को विश्वास मत के दौरान समर्थन दिया था।

पलानीस्वामी ने विधानसभा सत्र के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने 2011 से अन्नाद्रमुक की उपलब्धियों और जन कल्याणकारी उपायों को जनता के सामने रखकर 47 विधानसभा सीटें जीती हैं। जमीनी स्तर समेत पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में योगदान दिया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि वेलुमणि गुट ने विधानसभा में टीवीके का समर्थन करके पदाधिकारियों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ किया है।

पलानीस्वामी ने दावा किया, ‘‘कुछ लोग कैबिनेट मंत्री पद के लालच में आकर दूसरों को भी गलत रास्ते पर ले गए। यह गैरकानूनी है, न्याय के विरुद्ध है।’’

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए जीत या हार होना आम बात है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ अन्नाद्रमुक के साथ नहीं हुआ। द्रमुक को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा।’’

पलानीस्वामी ने दावा किया कि विजय नीत टीवीके ने भले ही सरकार बना ली हो, लेकिन अन्नाद्रमुक ने अपने 47 विधायकों और सहयोगी दलों – पीएमके, भाजपा और एएमएमके के छह विधायकों के साथ ‘‘बड़ी जीत’’ हासिल की है।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के महासचिव के रूप में उन्हें सचेतक (व्हिप) नियुक्त करने का अधिकार है।

पलानीस्वामी ने दावा किया कि सचेतक एस.एस. कृष्णमूर्ति ने एसएमएस, ईमेल और पंजीकृत डाक के माध्यम से सभी विधायकों को सूचित किया था कि पार्टी विश्वास मत में सरकार के खिलाफ मतदान करेगी।

भाषा शफीक वैभव

वैभव