नयी दिल्ली, 5 अगस्त (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल द्वारा पीठासीन सभापति के रूप में सदन की बैठक के दौरान की गई कुछ टिप्पणियों को कार्यवाही से निकाल (एक्सपंज) दिया।
पाल ने 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में हंगामा कर रहे कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल और समाजवादी पार्टी (सपा) की रुचि वीरा के संबंध में कुछ टिप्पणियां की थीं।
सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने को लेकर रुचि वीरा को चेतावनी देने के दौरान पाल ने उनके बारे में कुछ टिप्पणियां की थीं। वेणुगोपाल के संबंध में की गई टिप्पणियां भी इसी संदर्भ में थीं।
हालांकि, वेणुगोपाल और वीरा के संबंध में की गई पाल की टिप्पणियां बाद में कार्यवाही से हटा दी गईं।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसदों ने पाल की ‘‘राजनीतिक टिप्पणियों’’ पर आपत्ति जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी।
आमतौर पर सदन के अध्यक्ष या पीठासीन सभापति की टिप्पणी को कार्यवाही से नहीं हटाया जाता है।
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