लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग जायज: सोनम वांगचुक

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लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग जायज: सोनम वांगचुक

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 08:47 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 08:47 PM IST

करगिल, पांच अप्रैल (भाषा) पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह सरकार के साथ बातचीत में शामिल होने से पीछे नहीं हटेंगे।

वांगचुक ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘खुले दिमाग और ईमानदारी’ से बातचीत करने तथा बीच का रास्ता निकालने का आह्वान किया। वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत लगभग छह महीने की हिरासत के बाद 14 मार्च को रिहा किया गया था।

उन्होंने उम्मीद जताई कि जारी विरोध प्रदर्शन का सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण समाधान निकलेगा।

वांगचुक ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ छठी अनुसूची के तहत लद्दाख को सुरक्षा और राज्य का दर्जा देने की मांग संविधान में निहित लोकतांत्रिक अधिकारों पर आधारित है और पूरी तरह वैध है। पिछले पांच-छह वर्षों से हम इन मुद्दों पर सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है, क्योंकि दूसरी तरफ से कठोर रुख अपनाया जा रहा है।’’

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बातचीत खुले दिमाग से और पूरी ईमानदारी के साथ होनी चाहिए।

पर्यावरण कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘किसी एक पक्ष को यह नहीं सोचना चाहिए कि सिर्फ वही जीतेगा और दूसरा हारेगा। हमें बेहतर स्थिति बनानी होगी और बीच का रास्ता अपनाना होगा। मेरा व्यक्तिगत मत यही है और मैंने (आंदोलनकारी) नेताओं समेत कई लोगों को यही बात समझायी है कि बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़नी चाहिए।’’

वांगचुक ने कहा कि प्रदर्शनकारी इस दृष्टिकोण को अपनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह एकतरफा नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी वार्ता में भी उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, तो यह सवाल उठेगा कि लद्दाख के नेताओं की तरह लचीला रुख क्यों नहीं अपनाया जा रहा।

सरकार ने अभी तक अगली वार्ता की तारीख घोषित नहीं की है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि विरोध प्रदर्शन का अंत सकारात्मक समाधान के साथ होगा, जिससे वे देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी कर सकें।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

नरेश