चित्रकूट (उप्र), आठ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करके अयोध्या और भगवान राम की विरासत को बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का आदेश दिया।
चित्रकूट में 950 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लोकापर्ण के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल अचानक सक्रिय हो गए हैं क्योंकि उन्हें अयोध्या को निशाना बनाने के लिए ‘एक मुद्दा’ मिल गया है।
उन्होंने कहा, ‘आपने हाल की खबरें सुनी होंगी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अचानक सक्रिय हो गईं। ये वे पार्टियां हैं जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से अयोध्या की आलोचना की है, और उन्हें फायदा उठाने के लिए एक मुद्दा मिल गया है।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट ने स्वयं सरकार को सूचित किया कि उसे दान की गिनती के दौरान कथित चोरी के बारे में जानकारी मिली है और एक उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘हमने ट्रस्ट की सिफारिश को स्वीकार करके एक उच्च स्तरीय एसआईटी गठित की। जांच के दौरान चोरी में सीधे तौर पर शामिल पाए गए छह लोगों के खिलाफ सबूत मिले, जबकि दो अन्य व्यक्ति साजिश का हिस्सा थे। एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर ट्रस्ट ने एक प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की।’
विपक्ष की ओर से हो रही आलोचना पर सवाल उठाते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने, अयोध्या पर सवाल उठाने और भगवान राम की विरासत का अपमान करने का क्या औचित्य है? ऐसा लगता है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भारत की आस्था पर हमला करने का ठेका ले लिया है।’
भाषा किशोर जफर जोहेब
जोहेब