गुवाहाटी, छह जुलाई (भाषा) स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने सोमवार को कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए अधिकारी अब अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के सरगनाओं को पकड़ने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार में शामिल कुछ प्रमुख तस्करों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया जारी है।
गर्ग ने कहा, ‘‘हमें इस समस्या (पूर्वोत्तर क्षेत्र के रास्ते पड़ोसी देशों से भारत में आने वाले मादक पदार्थों) की पूरी जानकारी है और हम इससे कई चरणों में निपट रहे हैं। म्यांमा भारत में पहुंचने वाले मेथामफेटामाइन और हेरोइन का प्रमुख स्रोत है। इसका उल्लेख हमारी वार्षिक रिपोर्ट में भी किया गया है।’’
एनसीबी महानिदेशक ब्रिक्स सदस्य देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक के इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के सरगनाओं की पहचान कर उन्हें पकड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
एनसीबी महानिदेशक ने मई में नयी दिल्ली से म्यांमा में सक्रिय एक प्रमुख मादक पदार्थ तस्कर की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया।
गर्ग ने कहा, ‘‘सीमा पार से मादक पदार्थ लाने वाले छोटे वाहकों को पकड़ने के बजाय अब हमारा ध्यान इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं पर है। हमने सीमा के दोनों ओर ऐसे कुछ लोगों की पहचान कर ली है और उन्हें कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया जारी है।’’
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या से निपटने की रणनीति के तहत एनसीबी राज्यों को उनके मादक पदार्थ रोधी कार्यबल को मजबूत करने में सहयोग दे रहा है, क्योंकि राज्य स्तर के अधिकारी इस लड़ाई की अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं।
गर्ग ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में एनसीबी अपना विस्तार कर रहा है, जिसके तहत पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न स्थानों पर कार्यालय खोले गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे मादक पदार्थों के खिलाफ हमारी लड़ाई को काफी बल मिला है। पिछले एक वर्ष में जब्त किए गए मादक पदार्थों की बढ़ती मात्रा से इसका असर स्पष्ट देखा जा सकता है।’’
भाषा राखी नेत्रपाल
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