श्रीलंका की नौसेना ने आपदा में सहायता के लिए भारत और अन्य देशों के जहाजों को सम्मानित किया

श्रीलंका की नौसेना ने आपदा में सहायता के लिए भारत और अन्य देशों के जहाजों को सम्मानित किया

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  • Publish Date - January 1, 2026 / 06:24 PM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 06:24 PM IST

कोलंबो, एक जनवरी (भाषा) श्रीलंका की नौसेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि चक्रवाती तूफान दित्वा के कारण हुई तबाही के बाद देश को सहायता प्रदान करने के लिए भारत के दो जहाजों सहित आठ विदेशी जहाजों को सम्मानित किया गया है।

श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता कमांडर संपथ ने यहां बताया कि प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या ने मदद के लिए संबंधित देशों के राजनयिक अधिकारियों के एक समूह के प्रति व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त किया।

बीते नवंबर में श्रीलंका में आए चक्रवाती तूफान दित्वा के कारण पूरे देश में व्यापक बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के गंभीर रूप से ध्वस्त होने से देश की आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता पर गंभीर दबाव पड़ा था। दित्वा के कारण 600 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और एक अन्य जहाज आईएनएस उदयगिरि बचाव और राहत कार्यों में सबसे पहले शामिल हुए।

जब दित्वा 27 नवंबर को तट पर पहुंचा, तो श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा-2025 में भाग लेने के लिए आठ विदेशी नौसैनिक युद्धपोत यहां पहुंच चुके थे।

श्रीलंका की नौसेना ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘श्रीलंका में हाल ही में आई मौसम संबंधी आपदा के दौरान विदेशी युद्धपोतों द्वारा अमूल्य सहयोग प्रदान किया गया, जिन्होंने अत्यंत आवश्यक मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान चलाए।’’

श्रीलंका की नौसेना ने वैश्विक और क्षेत्रीय सहयोग की भावना पर बल देते हुए कहा, ‘‘ द्वीप पर बेहद खराब मौसम की वजह से उत्पन्न आपदा जैसी स्थिति के चलते, इस आयोजन के लिए आए विदेशी युद्धपोतों को तुरंत मानवीय सहायता कार्यों में लगा दिया गया। विशेष रूप से भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत से हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया।’’

भारत ने चक्रवात दित्वा के तट से टकराने के ठीक उसी दिन ‘सागर बंधु अभियान’ नामक राहत एवं सहायता अभियान शुरू हुआ। इस दौरान आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने राहत सामग्री पहुंचाई।

सागर बंधु अभियान के तहत 1,100 टन से अधिक राहत सामग्री वितरित की गई, जिसमें सूखा राशन, टेंट, तिरपाल, स्वच्छता किट, आवश्यक कपड़े और जल शोधन किट शामिल हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन

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