Aaj Ka Panchang 06 March 2026: आज का दिन है अद्भुत! भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी करेंगे आपके जीवन की सबसे बड़ी इच्छाओं को पूरा…जानिए कैसे

Ads

Aaj Ka Panchang 06 March 2026: पंचांग के अनुसार, आज की तिथि कृष्ण तृतीया सायं 05:53 बजे तक रहेगी। योग गंड प्रातः 07:06 बजे तक और करण विष्टि सायं 05:53 बजे तक हैं। इसके अलावा, सूर्य कुंभ राशि में और चंद्र कन्या राशि में स्थित हैं।

  •  
  • Publish Date - March 6, 2026 / 06:31 AM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 06:37 AM IST

aaj ka panchang/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत
  • गणेश भालचंद्र स्वरूप की पूजा
  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे

Aaj Ka Panchang 06 March 2026: नई दिल्ली: शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण तृतीया तिथि है और साथ ही आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत भी प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान गणेश के ‘भालचंद्र’ स्वरूप को समर्पित है। भालचंद्र का अर्थ है – वह जिनके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं और बड़ी इच्छाओं की पूर्ति संभव होती है।

Aaj Ka Panchang: चंद्रदेव कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे

आज चंद्रदेव कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। हस्त नक्षत्र का स्वामी स्वयं चंद्रदेव हैं। यह नक्षत्र व्यक्ति को साहसी, मेहनती और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित बनाता है। साथ ही, यह नक्षत्र जीवन में निडरता और बुद्धिमत्ता भी लाता है। हालांकि, कभी-कभी यह व्यक्ति को झगड़ालू और कठोर भी बना सकता है, लेकिन जीवन के उत्तरार्ध में सुख और सफलता की प्राप्ति में मदद करता है। इस दिन के लिए दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त अत्यंत शुभ माना गया है।

Panchang 06 March 2026: क्या कहता है आज का पंचांग

पंचांग के अनुसार, आज की तिथि कृष्ण तृतीया सायं 05:53 बजे तक रहेगी। योग गंड प्रातः 07:06 बजे तक और करण विष्टि सायं 05:53 बजे तक हैं। इसके अलावा, सूर्य कुंभ राशि में और चंद्र कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्योदय का समय प्रातः 06:41 बजे और सूर्यास्त सायं 06:24 बजे है। चंद्रोदय सायं 09:14 बजे और चंद्रास्त प्रातः 08:01 बजे होगा।

आज के शुभ मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल प्रातः 04:23 बजे से 06:06 बजे (7 मार्च) तक रहेगा। अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 11:05 बजे से 12:33 बजे तक, गुलिकाल प्रातः 08:09 बजे से 09:37 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 03:28 बजे से सायं 04:56 बजे तक रहेगा।

भालचंद्र संकष्टी व्रत विशेष रूप से संकटों के समय नई आशा और समाधान लाने वाला माना जाता है। शास्त्रों में इस व्रत को लगातार 4 या 13 वर्षों तक करने का विधान है। व्रत की सफलता के बाद विधिवत उद्यापन किया जाता है। यदि चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ती है और चंद्रोदय भी उसी दौरान है, तो पहले दिन व्रत रखना श्रेष्ठ माना जाता है।

भक्त इस दिन विशेष रूप से गणेश जी की पूजा-अर्चना करके जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने की कामना करते हैं। उपवास, विधिपूर्वक पूजा, और प्रार्थना से भालचंद्र संकष्टी व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से मानसिक शांति, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक खुशहाली प्राप्त होती है।

अंततः, शुक्रवार, 6 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दिन सही मुहूर्त और नक्षत्रों की शक्ति के साथ भक्तों के लिए जीवन में नई उम्मीद और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। जो लोग गणेश जी की कृपा और अपने जीवन के बाधाओं से मुक्ति चाहते हैं, उनके लिए भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का यह व्रत अत्यंत लाभकारी और शुभ है।

भालचंद्र संकष्टी व्रत क्यों रखा जाता है?

जीवन की बाधाएँ दूर करने के लिए।

आज कौन सा नक्षत्र और राशि है?

हस्त नक्षत्र, चंद्र कन्या राशि में।

अभिजीत मुहूर्त कब है?

दोपहर 12:09 से 12:56 बजे तक।