चेन्नई, 14 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को केंद्र से आग्रह किया कि वह श्रीलंका की अदालत द्वारा रिहा किए जाने के बाद मिरिहाना नजरबंदी केंद्र में फंसे राज्य के मछुआरों की स्वदेश वापसी में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
श्रीलंका की एक अदालत ने वहां की नौसेना द्वारा जनवरी को पकड़े गए नौ मछुआरों को रिहा करने का आदेश दिया था।
स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे पत्र में कहा कि जाफना की अदालत ने तीन फरवरी को कुल 12 मछुआरों पर मुकदमा चलाया, जिनमें पिछले साल 28 दिसंबर को हिरासत में लिए गए मंडपम के तीन मछुआरे, तीन जनवरी को हिरासत में लिए गए मयिलादुथुराई के नौ मछुआरे शामिल थे।
अदालती कार्यवाही के बाद नौका चलाने वाले तीन लोगों को छह महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 11.60 लाख श्रीलंकाई रुपये का जुर्माना लगाया गया, जुर्माना न भरने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त कारावास होगा।
शेष नौ मछुआरों को रिहा करने का आदेश दिया गया और बाद में उन्हें पांच फरवरी को मिरिहाना नजरबंदी केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा, ‘‘हालांकि, स्वदेश वापसी की औपचारिकताओं को पूरा करने में देरी के कारण वे अब भी हिरासत में हैं।’’
स्टालिन ने कहा, ‘‘वहां के मछुआरों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उनके परिवारों की पीड़ा को देखते हुए मैं अनुरोध करता हूं कि रिहा किए गए मछुआरों की स्वदेश वापसी में तेजी लाने के लिए कृपया तत्काल कदम उठाए जाएं।’’
भाषा यासिर माधव
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