तमिलनाडु की 152 रिक्त सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सीटों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायालय सहमत

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तमिलनाडु की 152 रिक्त सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सीटों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायालय सहमत

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 04:16 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 04:16 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए बुधवार को सहमत हो गया, जिसमें तमिलनाडु में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए रिक्त 152 ‘इन-सर्विस’ सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सीटों को अखिल भारतीय कोटे में सौंपे जाने से रोकने का अनुरोध किया गया है।

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी कर ‘तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन’ की याचिका पर उनसे जवाब मांगा है।

पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘अगर कोई सरकारी डॉक्टर आवश्यक कौशल हासिल कर लेता है, तो वह निजी चिकित्सक की तुलना में जनस्वास्थ्य के लिए बेहतर सेवा दे पाएगा।’’

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि दाखिले के लिए ‘इन-सर्विस’ एक अलग श्रेणी है, क्योंकि ऐसे उम्मीदवार नौकरी और पढ़ाई दोनों कर रहे होते हैं।

पीठ ने इस मामले की सुनवाई जुलाई के लिए निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने तमिलनाडु के कॉलेजों में ‘इन-सर्विस’ सुपर स्पेशलिटी मेडिकल पाठ्यक्रम की 152 रिक्त सीटों का ज़िक्र किया, जो शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 के लिए राज्य के लिए आरक्षित थीं।

मामले में याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया है कि वे ‘अखिल भारतीय कोटा काउंसलिंग प्रक्रिया’ का दूसरा चरण पूरा होने तक 152 रिक्त मेडिकल सीटों को अखिल भारतीय कोटा में न सौंपें।

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने 4 जून को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से आग्रह किया था कि वह राज्य की 152 सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सीटों को अखिल भारतीय कोटे में सौंपे जाने से रोकने के लिए कदम उठाएं।

भाषा सुभाष नेत्रपाल

नेत्रपाल