नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और दिल्ली पुलिस को यूनिटेक लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण पेश करने का बुधवार को निर्देश दिया, ताकि इनकी त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जा सके।
शीर्ष अदालत ने साथ ही कहा कि घर खरीदारों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए, लेकिन आरोपियों को आगे कोई और रियायत नहीं दी जानी चाहिए।
पीठ ने कहा, “मुकदमे की सुनवाई शुरू होनी चाहिए और यह अनिश्चित काल तक नहीं चलनी चाहिए। हम इन मामलों की विशेष रूप से सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत गठित करेंगे, लेकिन अब और देरी नहीं होनी चाहिए।”
उसने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को करना निर्धारित किया।
सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल किया कि घर खरीदारों की ओर से जमा की गई राशि कहां गई। उसने कहा, “पैसा कहां गया? क्या इसे देश के बाहर भेज दिया गया? जांच एजेंसी की क्या भूमिका है? कानून स्पष्ट होना चाहिए। कानून को लेकर पैदा हुए भ्रम से आरोपियों को फायदा मिल रहा है। हमारे पास सक्षम एजेंसियां हैं, जो पता लगा सकती हैं कि पैसा कहां गया।”
उच्चतम न्यायालय को बताया गया कि जहां तक यूनिटेक के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक अभियोजन का सवाल है, यह दो हिस्सों में है।
उससे कहा गया कि एक तरफ जहां ईडी कुछ मामलों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भी पड़ताल में जुटी है और उसने 63 अलग-अलग मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए हैं।
न्यायालय ने पहले कहा था कि उसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यूनिटेक लिमिटेड के 22,000 घर खरीदारों को उनके सपनों का आशियाना मिले। उसने रियल एस्टेट समूह के लिए सरकार की ओर से नियुक्त नये बोर्ड, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कहा था कि वे लंबे समय से जारी विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए सुझाव दें।
लगभग 22,000 घर खरीदार यूनिटेक के साथ बुक किए गए फ्लैट का कब्जा मिलने का कई वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से नियुक्त नये बोर्ड ने इस रियल एस्टेट कंपनी का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया है।
पीठ ने पहले कहा था कि रियल एस्टेट समूह से जुड़े मामलों में अगर किसी भी राज्य प्राधिकरण ने उसके आदेशों का अनुपालन नहीं किया, तो वह इसे गंभीरता से लेगी।
पीठ ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करें।
भाषा पारुल अमित
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