न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत में अनियमितताओं की जांच संबंधी याचिका खारिज की

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न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत में अनियमितताओं की जांच संबंधी याचिका खारिज की

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 11:59 AM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 11:59 AM IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा में 13 मई को हुए विश्वास मत में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के अनुरोध वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए टिप्पणी की कि यह दावे की पुष्टि करने के लिए रिकॉर्ड पर बिना किसी विश्वसनीय सामग्री के ‘‘अस्पष्ट, अनर्गल और आरोपों’’ पर आधारित है।

तमिलनाडु में 13 मई को, सी जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बहिर्गमन के बीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के 25 बागी विधायकों के समर्थन से विश्वास मत हासिल कर एक बड़ी बाधा को पार कर लिया था।

टीवीके 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन विजय सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से समर्थन प्राप्त करने में सफल रहे, जिससे 120 विधायकों को इकट्ठा कर 118 के आंकड़े को पार कर लिया।

विपक्ष ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए थे जिन्हें विजय ने खारिज कर दिया था।

भाषा खारी शोभना

शोभना