नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और प्रतिष्ठित खेल सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला आईओए के डोपिंग रोधी चिकित्सा पैनल की अगुवाई करेंगे।
यह पैनल राष्ट्रीय महासंघों के साथ मिलकर खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों के खतरों के बारे में जागरूक करेगा।
डोपिंग से निपटने के लिए यह सख्त कदम भारत के लगातार खराब रिकॉर्ड की वजह से उठाया गया है। इस खराब रिकॉर्ड में विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की सबसे अधिक नियम तोड़ने वालों की सूची में तीन साल तक शीर्ष पर रहना भी शामिल है। इस समस्या से 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने की भारत की योजना को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
यहां आईओए के खिलाड़ी फोरम के दौरान संस्था के सीईओ रघुराम अय्यर ने कहा कि पारदीवाला के नेतृत्व में एक टीम काम करेगी जो राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के साथ तालमेल बैठाएगी।
अय्यर ने कहा, ‘‘यह एक बहुत मजबूत चिकित्सा पैनल होगा जो यह पक्का करेगा कि जो भी जानकारी बाहर जाए वह बिल्कुल सही हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय ओलंपिक संघ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनशॉ पारदीवाला इसकी अगुवाई करेंगे। उनके नेतृत्व में एक टीम होगी जो एनएसएफ के साथ मिलकर काम करेगी।’’
अय्यर ने हालांकि इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।
भाषा सुधीर पंत
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