नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने गोवा में मुरगांव पत्तन प्राधिकरण की जमीन से छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति हटाने के मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उच्च न्यायालय के सात अप्रैल के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में मूर्ति को हटाने का निर्देश दिया गया था, क्योंकि इसे गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था और स्थानीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन करते हुए स्थापित किया गया था।
याचिकाकर्ताओं, राजेंद्र लक्ष्मण परब और अन्य, ने उच्च न्यायालय के आदेश में दखल देने को लेकर उच्चतम न्यायालय की अनिच्छा को देखते हुए अपनी याचिका वापस ले ली।
आदेश में कहा गया, “याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील मौजूदा विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) वापस लेना चाहते हैं। अनुमति दे दी गई है।”
आदेश में कहा गया, “इसके साथ ही, उच्च न्यायालय के समक्ष उचित अर्जी लगाने और संबंधित आदेश में संशोधन की मांग करने की छूट देते हुए इस एसएलपी को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज किया जाता है।’
भाषा प्रशांत दिलीप
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