पुरी, छह जुलाई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को ‘राष्ट्रीय उत्सव’ बताते हुए सोमवार को प्रशासन, सेवादारों और श्रद्धालुओं के बीच बेहतर तालमेल की अपील की।
माझी ने 16 जुलाई को होने वाली वार्षिक रथ यात्रा से 10 दिन पहले आयोजित एक विशेष बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवादारों से अपील करता हूं कि वे न केवल अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, बल्कि भक्ति की भावना को सर्वोपरि रखते हुए पूरी निष्ठा के साथ काम करें।’’
उन्होंने मंत्रियों, अधिकारियों और सेवादारों के साथ त्योहार की तैयारियों की समीक्षा की और पूर्व में हुई गलतियों को सुधारने के उपाय करने को कहा।
माझी ने कहा कि उनकी सरकार ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य और साफ-सफाई की व्यवस्था में बेहतरीन तालमेल बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि रथ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी कमी के संपन्न हो सके।
उन्होंने रथ यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर दिया, जिसमें देश-विदेश से लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी व्यवस्था समय पर और ईमानदारी से करने को सर्वाधिक प्राथमिकता दी है, साथ ही प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए श्रद्धालुओं तक हर जरूरी जानकारी सुगमता से पहुंचाने का भी इंतजाम किया है।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन बेबुनियाद अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा एकमात्र संकल्प है कि पुरी आने वाले हर भक्त को भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद मिले और वे एक सुखद, सुरक्षित और यादगार आध्यात्मिक अनुभव के साथ लौटें।’’
पिछले साल रथ खींचने में हुई देरी और भगदड़ की घटना (जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे) को ध्यान में रखते हुए, माझी ने पुरी के कलेक्टर को निर्देश दिए कि वह उत्सव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करें।
माझी ने बैठक में कहा, ‘‘मैं पुरी के कलेक्टर को आदेश देता हूं कि वह किसी को भी अतिरिक्त ‘कॉर्डन’ पास जारी न करें। इस बार ‘कॉर्डन’ पास सिर्फ उन अधिकारियों और सेवादारों को ही दिया जाना चाहिए जिन्हें रथ के पास तैनात रहना है। अगर कोई व्यक्ति गलती से या जानबूझकर रथों के अंदरूनी सुरक्षा घेरे में घुस जाता है, तो उसे विनम्रतापूर्वक बाहर निकालना चाहिए।’’
‘कॉर्डन’ पास एक आधिकारिक पहचान पत्र या ‘बैज’ है जो प्रतिबंधित सुरक्षा घेरे में प्रवेश की अनुमति देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और भीड़ को संभालने के लिए लगभग 220 पलटन (एक पलटन में 30 जवान होते हैं) पुलिस बल को तैनात किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुरी जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित ‘रूपरेखा – रथ यात्रा 2026’ नाम की एक पुस्तिका भी जारी की।
उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव और प्रवती परिदा, कई मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक इस विशेष बैठक में शामिल हुए।
भाषा सुभाष अविनाश
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