Mamata Banerjee Niece Suicide News: ममता बनर्जी के इस करीबी रिश्तेदार ने की आत्महत्या, फांसी के फंदे पर लटका मिला शव, शोक में डूबी पूर्व सीएम

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Mamata Banerjee Niece Suicide News: पूर्व सीएम और TMC प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 03:46 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 03:52 PM IST

Mamata Banerjee Niece Suicide News/Image Credit: File

HIGHLIGHTS
  • ममता बनर्जी की भतीजी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
  • ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ मिला है।
  • पुलिस ने बृष्टि मुखर्जी के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Mamata Banerjee Niece Suicide News: कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी ने आत्महत्या कर ली है। ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट के कुसुंबा गांव स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल पर फंदे में लटका हुआ मिला। बताया जा रहा है बृष्टि ममता बनर्जी के ममेरे भाई की बेटी थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

रामपुरहाट पुलिस ने बृष्टि मुखर्जी के शव को उनके घर से बरामद कर उसे अटॉपसी के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। इसके साथ ही, मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, बृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही हो पाएगा। (Mamata Banerjee Niece Suicide News)

नौकरी जाने से डिप्रेशन में थी बृष्टि

Mamata Banerjee Niece Suicide News: परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बृष्टि मुखर्जी पिछले काफी समय से डिप्रेशन में चल रही थीं। वह भी उन लोगों में शामिल थीं, जिनकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी चली गई थी। वह राज्य के बोलपुर अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थीं। मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश को कैंसिल कर दिया था। यह कार्रवाई नौकरी के बदले नकद यानी कैश फॉर जॉब मामले में की गई थी। इसके बाद करीब 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को बर्खास्त कर दिया गया था।

शुरुआत में इन 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया था और बाद में जब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इस हाई कोर्ट के इस आदेश को बरकरार रखा। बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिन लोगों की नौकरी रद्द की गई, उस लिस्ट में बृष्टि का नाम 608 नंबर पर था।

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