यूसीसी के बाद धर्मांतरण रोधी कानून लाएगी शुभेंदु सरकार

यूसीसी के बाद धर्मांतरण रोधी कानून लाएगी शुभेंदु सरकार

यूसीसी के बाद धर्मांतरण रोधी कानून लाएगी शुभेंदु सरकार
Modified Date: August 12, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: August 12, 2026 12:19 am IST

कोलकाता, 11 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का कानून बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाने के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को संकेत दिया कि उनकी सरकार की अगली राजनीतिक-कानूनी लड़ाई धर्मांतरण और समुदायों के बीच जमीन के लेन-देन पर पाबंदी को लेकर हो सकती है।

बांकुरा में ‘पश्चिमांचल विकास परिषद’ की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही जबरन धर्मांतरण के खिलाफ एक कड़ा कानून लाएगी और जमीन की खरीद-बिक्री पर ‘कानूनी पाबंदियां’ लागू करेगी।

उन्होंने कहा, ‘हम बहुत जल्द यूसीसी लाएंगे; एक देश, एक कानून। इसके बाद, हमारा अगला कदम जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए एक कड़ा कानून लाना और जमीन की खरीद-बिक्री पर नयी कानूनी पाबंदियां लगाना होगा।’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक विमर्श में दो मुद्दे लंबे समय से शामिल रहे हैं – धर्मांतरण और तथाकथित ‘जमीन जिहाद’।

अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित जमीन कानून में क्या प्रावधान होंगे या क्या यह अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच संपत्ति की बिक्री को प्रतिबंधित करेगा।

हालांकि, उनके बयानों की तुलना बांग्लादेश की सीमा से लगे भारतीय जनता पार्टी शासित उन अन्य राज्यों से की जा रही है, जहां संरक्षित समुदायों और क्षेत्रों में जमीन के लेन-देन पर पाबंदियां तय की गई हैं।

यह टिप्पणी राज्य मंत्रिमंडल द्वारा यूसीसी विधेयक के मसौदे की समीक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति के गठन को मंज़ूरी दिए जाने के महज छह सप्ताह बाद आई है।

यदि यह संबंधित विधेयक अगस्त के विस्तारित बजट सत्र में पारित हो जाता है, तो पश्चिम बंगाल यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला चौथा राज्य बन जाएगा।

भाषा सुमित अमित

अमित


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