नफरती भाषण के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें, तत्काल मामले दर्ज हों : न्यायालय

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नफरती भाषण के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें, तत्काल मामले दर्ज हों : न्यायालय

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  • Publish Date - October 21, 2022 / 05:48 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:59 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने नफरत भरे भाषणों को ‘बहुत ही गंभीर मुद्दा’ करार देते हुए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सरकारों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज होने का इंतजार किए बिना दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले तुरंत दर्ज करें।

शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी कि प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की देरी अदालत की अवमानना के दायरे में आएगी।

न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने शाहीन अब्दुल्ला नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर दोनों राज्य सरकारों को नोटिस भी जारी किये।

पीठ ने कहा कि राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने के लिए नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, भले ही वे किसी भी धर्म के हों।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप