तमिलनाडु : पोस्टमॉर्टम टीम में अपनी पसंद के डॉक्टर को शामिल कराने की अर्जी न्यायालय ने ठुकराई

तमिलनाडु : पोस्टमॉर्टम टीम में अपनी पसंद के डॉक्टर को शामिल कराने की अर्जी न्यायालय ने ठुकराई

तमिलनाडु : पोस्टमॉर्टम टीम में अपनी पसंद के डॉक्टर को शामिल कराने की अर्जी न्यायालय ने ठुकराई
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: July 21, 2022 2:45 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के एक निजी आवासीय विद्यालय में मृत मिली 17-वर्षीया छात्रा के पिता की उस याचिका पर विचार करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया, जिसमें उसने शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने वाली विशेषज्ञों की टीम में अपनी पसंद के डॉक्टर को शामिल करने का अनुरोध किया था।

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में 13 जुलाई को आवासीय विद्यालय के परिसर में 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत के बाद विभिन्न इलाकों में हिंसा भड़क गई थी।

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने छात्रा के पिता को उच्च न्यायालय का रुख करने और उन्हें सारी जानकारी प्रदान करने की अनुमति दे दी।

पीठ ने कहा, ”हमें (पोस्टमॉर्टम करने वाले) स्वतंत्र विशेषज्ञों पर संदेह क्यों करना चाहिए?”

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को या तो याचिका वापस लेने या फिर मामला खारिज करने की बात कही। इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

गत 19 जुलाई को प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण ने इस मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया था। इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय ने विशेषज्ञों की एक टीम को छात्रा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने का आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय ने हिंसक घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख को दंगाइयों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया था।

भाषा

जोहेब सुरेश

सुरेश


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