इरोड (तमिलनाडु), 31 अगस्त (भाषा) द्रमुक नेता और पूर्व मंत्री थोप्पू एन डी वेंकटचलम ने सोमवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा की और कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए पार्टी में बने रहना संभव नहीं है।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में वेंकटचलम ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में, जिनमें मेरे लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम के साथ आगे बढ़ना संभव नहीं है, मैंने आज इस आंदोलन से अलग होने का फैसला किया है।’’
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पार्टी छोड़ने का फैसला द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन के साथ किसी मतभेद के कारण नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम दोनों के बीच प्रेम और स्नेह में कोई कमी नहीं है। उनके प्रति मेरे मन में जो सम्मान और आदर है, वह हमेशा बना रहेगा।’’
वेंकटचलम ने कोडिवेरी संयुक्त पेयजल परियोजना से संबंधित एक सरकारी आदेश (जीओ) की प्रति भी साझा की।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पेरुंदुरई और उथुकुली पंचायत संघों के लिए लागू की गई थी, लेकिन चेनिमलाई संघ की छह ग्राम पंचायतों को पानी की आपूर्ति से बाहर रखा गया, जबकि एसआईपीसीओटी क्षेत्र से निकलने वाले औद्योगिक और रंगाई कारखानों के अपशिष्ट से ये पंचायतें गंभीर रूप से प्रभावित हैं और उन्हें पानी उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने जिलाधिकारी से इन छूटी हुई पंचायतों को भी पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
वेंकटचलम ने 2012 और 2013 के दौरान अन्नाद्रमुक सरकार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पर्यावरण विभागों का कार्यभार संभाला था। उस समय जे जयललिता मुख्यमंत्री थीं।
उन्होंने बताया कि पहले के मतभेदों के कारण अन्नाद्रमुक छोड़ने के बाद उन्होंने द्रमुक में मुख्य रूप से स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा कराने के उद्देश्य से प्रवेश किया था। इनमें कोडिवेरी पेयजल योजना और अतिकडवु-अविनाशी भूजल पुनर्भरण परियोजना प्रमुख थीं।
वेंकटचलम ने कहा कि वह केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए राजनीति नहीं करते और पेरुंदुरई विधानसभा क्षेत्र के कल्याण एवं विकास के लिए समर्पित होकर काम करते रहेंगे।
भाषा मनीषा वैभव
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