तवांग प्रशासन की चेतावनी: बोमदिर नाले के पास रास्ते पर आ सकता है गाद का सैलाब

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तवांग प्रशासन की चेतावनी: बोमदिर नाले के पास रास्ते पर आ सकता है गाद का सैलाब

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 08:57 PM IST

ईटानगर, 16 सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिला प्रशासन ने बुधवार को एक नया परामर्श जारी कर लगातार बारिश के बीच लोगों को भूस्खलन, गाद का सैलाब आने और नदी-नालों का रास्ता रुकने के खतरे को लेकर सावधान किया है, खासकर बोमदिर नाले के निचले इलाकों में जहां पहाड़ से भारी मात्रा में गाद और मलबा बहकर नीचे आने का बड़ा डर है।

जिले के अधिकारियों ने बताया कि नदी-नालों, निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों के पास रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और संवेदनशील ढलानों व जलमार्गों के पास अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि यह परामर्श ‘पांगा तेंग त्सो’ (पीटीएसओ) की ओर स्थित म्हेनखर और भुईप क्षेत्रों के सर्वेक्षण के बाद जारी किया गया है, जहां बड़े पैमाने पर भूस्खलन की गतिविधि दर्ज की गई है।

एहतियाती उपायों के तहत सहायक आयुक्त तेनजिन जांबे के नेतृत्व में एक टीम ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) गेंडेन त्सोमू और भारतीय सेना की तवांग ब्रिगेड के प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

सर्वेक्षण के दौरान टीम ने पाया कि गाद और मलबे का बहाव लगातार जारी है।

अधिकारियों ने कहा कि यह मलबा प्राकृतिक नदी-नालों का रास्ता रोक सकता है, जिससे अचानक पानी जमा हो जाएगा और यदि मलबे के कारण बनी यह रुकावट अचानक टूटकर बहती है या पहाड़/ढलान और खिसकते है, तो निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

मौजूदा मौसम और संवेदनशील ढलानों की अस्थिरता को देखते हुए प्रशासन ने बार-बार निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से लोगों से उफान पर मौजूद नालों, अस्थिर ढलानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और सड़कों के संवेदनशील हिस्सों से दूर रहने का आग्रह किया गया है।

भाषा सुमित माधव

माधव