हैदराबाद, 15 मार्च (भाषा) तेलंगाना में बीआरएस के पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी द्वारा मादक पदार्थ का सेवन किये जाने की कथित तौर पर पुष्टि होने के बाद तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने विपक्ष के नेता के.टी. रामाराव और उनके दल के विधायकों सहित सभी विधायकों की स्वापक जांच कराने की चुनौती दी, जिसे मुख्य विपक्षी दल ने स्वीकार कर लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के आंध्र प्रदेश से सांसद पुट्टा महेश कुमार और रोहित रेड्डी समेत छह लोगों के मादक पदार्थ का सेवन करने की पुष्टि होने के बाद यहां हिरासत में लिया गया है।
टीपीसीसी के अध्यक्ष गौड़ ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि रामाराव और उनकी टीम को ‘स्वापक’ जांच के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि सोमवार को विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले सभी विधायकों की स्वापक जांच कराई जानी चाहिए।
टीपीसीसी प्रमुख ने कहा, ‘‘पूर्व विधायक रोहित और अन्य लोगों को नशे की लत होने की खबर सनसनीखेज है। पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) शासनकाल के दौरान तेलंगाना में दस वर्षों तक मादक पदार्थों का बेरोकटोक कारोबार होता रहा। कल से विधानसभा सत्र शुरू होगा। हम चिकित्सकों को बुलाएंगे। आपकी टीम और हमारी टीम का ‘ड्रग टेस्ट’ होगा। चूंकि आपकी टीम इस तरह की गतिविधियों में शामिल है, इसलिए हमें संदेह है। इसलिए हम सभी की जांच होगी।’’
टीपीसीसी प्रमुख की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए, रामा राव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि वह पहले भी कई बार दोहरा चुके हैं कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहले भी कई बार दोहरा चुका हूं कि मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। महेश कुमार गौड़ के इस सुझाव का मैं स्वागत करता हूं कि सभी राजनीतिक दलों के जन प्रतिनिधियों की जांच की जानी चाहिए। आइए हम उदाहरण पेश करें।’’
रामाराव ने चेतावनी भी दी कि हर मादक पदार्थ मामले में उनका नाम घसीटने पर कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।
भाषा धीरज प्रशांत
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