तेलंगाना सरकार ने विधानसभा में ‘घृणास्पद भाषण’ विधेयक पेश किया

Ads

तेलंगाना सरकार ने विधानसभा में ‘घृणास्पद भाषण’ विधेयक पेश किया

  •  
  • Publish Date - March 29, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - March 29, 2026 / 10:27 PM IST

हैदराबाद, 29 मार्च (भाषा) राज्य में कांग्रेस सरकार ने रविवार को विधानसभा में ‘तेलंगाना घृणास्पद भाषण और घृणा अपराध (रोकथाम) विधेयक, 2026’ पेश किया, जिसमें संबंधित अपराधों के लिए अधिकतम 10 वर्ष कारावास की सजा का प्रस्ताव है।

यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो तेलंगाना, कर्नाटक के बाद ऐसा कानून पारित करने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा।

विधायी कार्य मंत्री डी श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की ओर से विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा। विधेयक के तहत जो कोई भी ‘घृणा फैलाने का अपराध’ करता है, उसे कम से कम एक वर्ष की कारावास की सजा दी जाएगी जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

बार-बार अपराध करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना और दो वर्ष से लेकर दस वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है।

नए विधेयक के तहत यह अपराध गैर-जमानती है। विधेयक में कहा गया है, ‘‘मौजूदा कानूनी ढांचा घृणास्पद भाषणों और घृणा अपराधों के बदलते स्वरूप और अभिव्यक्तियों को व्यापक रूप से संबोधित नहीं करता है, जिसके लिए ऐसे आचरण को प्रभावी ढंग से रोकने, विनियमित करने और दंडित करने के लिए समर्पित और मजबूत कानून की आवश्यकता है, साथ ही प्रभावित व्यक्तियों के लिए संरक्षण और न्याय सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।’’

तेलंगाना मंत्रिमंडल ने 23 मार्च को इस विधेयक को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य दंगों और संघर्षों को भड़काने वाले भाषणों पर अंकुश लगाना है।

सरकार ने ‘तेलंगाना प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर (पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) अधिनियम, 2026’ भी पेश किया है, जिससे राज्य के श्रमिकों को लाभ होगा।

इस विधेयक के तहत श्रमिकों का पंजीकरण लागू किया जाएगा, साथ ही एक कल्याण बोर्ड और एक कल्याण कोष की स्थापना भी की जाएगी।

भाषा संतोष नरेश

नरेश