ईद से पहले घाटी हुई लहूलुहान, जवान औरंगजेब और संपादक शुजात बुखारी की हत्या

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ईद से पहले घाटी हुई लहूलुहान, जवान औरंगजेब और संपादक शुजात बुखारी की हत्या

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  • Publish Date - June 15, 2018 / 04:33 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

जम्मू-कश्मीर। रमजान के पाक महीने और ईद से दो दिन पहले आतंकियों ने घाटी में कहर बरपाया है। गुरुवार सुबह ईद की छुट्टी पर घर जा रहे जवान की आतंकियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। आतंकियों ने जवान के शव के साथ बर्बरता भी की। शहीद जवान ऑरंगजेब ऑपरेशन समीर टाइगर का हीरो था। गुरुवार सुबह गुसू गांव के पास आतंकियों ने प्राइवेट टैक्सी से घर जा रहे जवान को अगवा कर लिया था। 

जवान का शव अपहरण वाले स्थान से करीब आठ किलोमीटर दूर गुसू गांव से बरामद किया गया। शव गोलियों से छलनी और चेहरा क्षत विक्षत था। ऐसा माना जा रहा है कि गोलियां मारने के बाद पत्थर से उसके चेहरे को कुचला गया है। घटना के बाद पुलवामा जिले के हर गांव में सर्च आपरेशन चलाया गया। खासकर आतंकियों के घर में गहन छानबीन की गई।

आतंकी समीर को ढेर करने वाले मेजर शुक्ला की टीम में पुंछ का यह बहादुर जवान शामिल था, जिसने कई बड़े आपरेशनों को अंजाम दिया था। ईद की छुट्टी पर घर जाने के निकले औरंगजेब का आतंकियों ने पुलवामा से अपहरण कर लिया था। उसकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च आपरेशन चलाया गया।

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सूत्रों की मानें तो जवान के अपहरण के पीछे हिजबुल आतंकियों का हाथ हो सकता है। हालांकि इस बारे में अभी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। दक्षिण कश्मीर को हिजबुल आतंकियों का ही गढ़ माना जाता है। पिछले महीने हुए कई एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने हिजुबल के बड़े कमांडरों को मार गिराया था।

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वहीं आतंकियों ने राइजिंग कश्मीर अखबार के एडिटर शुजात बुखारी और उसके दो पीएसओ की गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकियों ने गुरुवार को प्रेस एन्क्लेव स्थित दफ्तर से निकलते ही बुखारी पर आतंकियों फायरिंग शुरू कर दी। बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं।  तस्वीर जारी करके कश्मीर जोन पुलिस ने आम जनता से संदिग्धों की पहचान करने में मदद मांगी है।

रमजान के पाक महीने और ईद से एक दिन पहले हुई ये वारदात  हैरान करने वाली है।शुजात बुखारी की हत्या तब की गई जब वो दफ्तर से बाहर निकल रहे थे, शाम के करीब 7.00 बजे कुछ बंदूकधारियों ने बुखारी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।  बुखारी राइजिंग कश्मीर के अलावा उर्दू दैनिक अखबार बुलंद कश्मीर, उर्दू साप्ताहिक कश्मीर परचम आदि से भी जुड़े रहे। राइजिंग कश्मीर का एडिटर बनने से पहले वह द हिंदू अखबार के जम्मू-कश्मीर ब्यूरो चीफ थे। ऐसा पहली बार नहीं है, जब बुखारी पर ऐसा हमला हुआ हो। 2006 में बुखारी को श्रीनगर से कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया था।

बुखारी की हत्या पर कई नामचीन लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला समेत कई लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की। बुखारी की अंतिम यात्रा शुजात बुखारी की अंतिम यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ा, हत्या के बाद उन्हें बारामूला स्थित घर में लाया गया था।

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24