TET Exam For Teachers Latest News: 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा से छूट, रक्षाबंधन से पहले आई बड़ी खुशखबरी, यहां के विधानसभा में प्रस्ताव पास

Ads

TET Exam For Teachers Latest News: 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा से छूट, रक्षाबंधन से पहले आई बड़ी खुशखबरी, विधानसभा में प्रस्ताव पास

  •  
  • Publish Date - August 25, 2026 / 12:59 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 01:52 PM IST

TET Exam For Teachers Latest News: 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा से छूट, रक्षाबंधन से पहले आई बड़ी खुशखबरी, यहां के विधानसभा में प्रस्ताव पास / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मिलनाडु विधानसभा का बड़ा फैसला
  • 3.28 लाख से ज्यादा शिक्षक प्रभावित
  • केंद्र से कानून में संशोधन की मांग

चेन्नई: TET Exam For Teachers Latest News तमिलनाडु विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी शिक्षकों को नौकरी पर बने रहने के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की शर्त से ‘पूरी तरह और स्थायी रूप से’’ छूट दी गयी है। तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने प्रस्ताव पेश करते हुए कि राज्य के करीब 3,28,701 सरकारी स्कूल शिक्षक, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से प्रभावित होंगे। यदि वे यह परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उन्हें अपने नौकरी संबंधी लाभ या पद गंवाने का खतरा है।

टेट परीक्षा की अनिवार्यता खत्म

TET Exam For Teachers Latest News उन्होंने कहा कि कई शिक्षकों ने 15 से 20 वर्षों तक बिना किसी व्यवधान के सेवा दी है। ऐसे अनुभवी शिक्षकों को अब एक नयी परीक्षा पास करने के लिए कहना उनकी नौकरी की सुरक्षा और आजीविका के लिए खतरा माना जा रहा है। राजमोहन ने कहा, ‘‘इसलिए विधानसभा एक प्रस्ताव के माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट दी जाए। इसके लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 में संशोधन किया जाए, ताकि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के माध्यम से इस छूट को लागू किया जा सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इन शिक्षकों को पदोन्नति सहित नौकरी से जुड़े सभी लाभ बिना किसी बाधा के मिलते रहें।’’

शिक्षकों को मजबूर करना अनुचित

मंत्री ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य योग्यता बना दी गई है। हाल ही में उच्चतम न्यायालय के एक फैसले में कहा गया कि सेवारत शिक्षकों को भी पदोन्नति पाने के लिए यह परीक्षा पास करनी होगी, अन्यथा उन्हें अपनी नौकरी गंवाने का जोखिम रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अनुभवी शिक्षकों को यह परीक्षा देने के लिए मजबूर करना अनुचित है और इससे उनकी नौकरी की सुरक्षा तथा करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्रभावित होते हैं। इसलिए विधानसभा यह सर्वसम्मत प्रस्ताव पेश करती है कि केंद्र सरकार 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूरी और स्थायी छूट दे।’’

शिक्षा मंत्री ने दी अहम जानकारी

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सदस्य और पूर्व राज्य मंत्री ई. वी. वेलु ने कहा कि पिछली द्रमुक सरकार ने भी इस मुद्दे को उच्चतम न्यायालय के समक्ष उठाया था। द्रमुक, अन्ना द्रमुक, भाकपा, माकपा और पीएमके के सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। बाद में प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

ये भी पढ़ें

किन शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग की गई है?

23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूरी और स्थायी छूट देने की मांग की गई है।

कितने सरकारी शिक्षक TET अनिवार्यता से प्रभावित होंगे?

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री के अनुसार करीब 3,28,701 सरकारी शिक्षक इससे प्रभावित होंगे।

क्या तमिलनाडु में TET की अनिवार्यता खत्म हो गई है?

विधानसभा ने स्थायी छूट के लिए प्रस्ताव पारित किया है। इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार से RTE Act, 2009 की धारा 23 में संशोधन की मांग की गई है।

TET पास नहीं करने पर शिक्षकों पर क्या असर पड़ सकता है?

प्रस्ताव में कहा गया है कि TET की अनिवार्यता के कारण शिक्षकों को नौकरी, पदोन्नति या अन्य सेवा लाभ प्रभावित होने का खतरा है।

तमिलनाडु विधानसभा में TET को लेकर प्रस्ताव किसने पेश किया?

स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित किया।