थरूर ने आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी अंतरे को अनिवार्य करने पर सवाल उठाया

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थरूर ने आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी अंतरे को अनिवार्य करने पर सवाल उठाया

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 12:21 AM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 12:21 AM IST

तिरुवनंतपुरम, एक जून (भाषा) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आधिकारिक कार्यक्रमों के आरंभ और अंत में वंदे मातरम के सभी पांच अंतरे बजाने की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रथा श्रोताओं के लिए ‘अनावश्यक और बोझिल’ है।

केरल में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर जारी विवाद के बीच संवाददाताओं से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वंदे मातरम का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन हर समारोह में इसके सभी अंतरे बजाने को अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा, “वंदे मातरम राष्ट्रगीत है और जब इसे गाया जाता है तो हम सम्मानपूर्वक खड़े हो जाते हैं। इसका पहला अंतरा या शुरुआती दो अंतरे, ज्यादातर लोगों को मुंह जुबानी याद होते हैं।”

थरूर ने बताया कि परंपरागत रूप से यह गीत किसी कार्यक्रम की शुरुआत में एक बार गाया जाता है, जबकि राष्ट्रगान अलग से, अक्सर अंत में बजाया जाता है।

उन्होंने कहा, “अब वे चाहते हैं कि हर कार्यक्रम की शुरुआत में और अंत में पांचों अंतरे गाए जाएं। मुझे लगता है कि यह एक अनावश्यक थोपा हुआ नियम है।”

थारूर ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें राष्ट्रगीत से कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, “हम सभी वंदे मातरम का सम्मान करते हैं। मैं खुशी-खुशी इसे आपके लिए गा सकता हूं।”

भाषा

राखी वैभव

वैभव