कॉजपा ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर स्कूलों से जुड़ी जानकारी मांगी

कॉजपा ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर स्कूलों से जुड़ी जानकारी मांगी

कॉजपा ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर स्कूलों से जुड़ी जानकारी मांगी
Modified Date: August 24, 2026 / 07:12 pm IST
Published Date: August 24, 2026 7:12 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) सरकारी स्कूलों की स्थिति को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बनाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सोमवार को सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर पिछले पांच वर्षों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों के खाली पदों और विद्यालयों के लिए दी गई राशि से जुड़ी जानकारी मांगी।

शिक्षा मंत्रियों को भेजे गए एक जैसे पत्रों में कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आ रही सरकारी स्कूलों की तस्वीरों से पता चलता है कि कई बच्चों को अब भी सुरक्षित पेयजल, इस्तेमाल करने लायक शौचालय, उचित कक्षाएं और यहां तक कि बैठने के लिए बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं।

दीपके ने लिखा, ‘‘भारत को आजाद हुए 80 साल हो गए हैं…इस देश में किसी भी बच्चे को ऐसी परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है।’’

ये पत्र सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कॉजपा के अभियान के तहत नया कदम हैं। युवाओं के नेतृत्व वाला यह संगठन सोशल मीडिया पर जर्जर स्कूल भवनों और पर्याप्त सुविधाओं की कमी को सामने ला रहा है और शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की मांग कर रहा है।

राज्य सरकारों को भेजे पत्रों में कॉजपा ने पिछले पांच वर्षों में मरम्मत किए गए सरकारी स्कूलों की संख्या और उन स्कूलों की संख्या का ब्योरा मांगा है, जिन्हें अभी भी मरम्मत या पूरी तरह से नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है।

कॉजपा ने राज्य सरकारों से शिक्षकों के स्वीकृत, भरे गए और खाली पदों की संख्या बताने तथा पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों के लिए आवंटित धनराशि और वास्तव में खर्च की गई धनराशि की जानकारी देने को भी कहा है।

दीपके ने कहा, ‘‘यह राजनीति या किसी एक सरकार की बात नहीं है। यह हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हर बच्चे को, चाहे उसका जन्म कहीं भी हुआ हो या उसके माता-पिता कितना भी कमाते हों, सुरक्षित कक्षा, साफ पेयजल, इस्तेमाल करने लायक शौचालय, बैठने के लिए बेंच और पढ़ाने के लिए एक शिक्षक मिलना चाहिए।’’

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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