नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी नेताओं-अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति मनोज जैन दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री सिसोदिया की उन अर्जियों पर भी सुनवाई कर सकते हैं, जिनमें सीबीआई की पुनर्विचार याचिका को ‘‘सुनवाई योग्य न होने’’ के आधार पर खारिज करने का अनुरोध किया गया है।
पहले न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के सामने इस मामले की कार्यवाही का बहिष्कार करने वाले केजरीवाल और सिसोदिया का कहना है कि यह याचिका ‘‘बेहद जल्दबाजी’’ और ‘‘बहुत ही गैर-गंभीर तरीके’’ से दायर की गई, और वे इस ‘‘अस्पष्ट एवं बिना ठोस जानकारी वाली’’ याचिका में एजेंसी द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को समझ भी नहीं पाए हैं।
पिछली सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति जैन ने केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को सीबीआई की याचिका पर जवाब देने के लिए दो सप्ताह का आखिरी मौका दिया था।
हाल की अर्जियों में केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा है कि निचली अदालत ने तीन महीने से ज्यादा समय तक मामले की विस्तार से सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था, लेकिन सीबीआई ने ऐसा कोई खास निष्कर्ष नहीं बताया है जो ‘‘गलत’’ हो या जिसमें कोई अनियमितता दिखाई दे।
भाषा शफीक नेत्रपाल
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