तिरुवनंतपुरम, छह जनवरी (भाषा) जनता दल (सेक्युलर) की केरल इकाई ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले अपने राष्ट्रीय नेतृत्व से पूरी तरह से अलग होकर एक नए राजनीतिक दल में विलय करने का फैसला किया है।
देवेगौड़ा के नेतृत्व वाला यह दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में है।
‘पीटीआई-भाषा’ को एक सूत्र ने बताया कि इस संबंध में बुधवार को आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
सूत्रों ने दावा किया कि पार्टी के विधायकों को अयोग्यता के खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि केरल इकाई का विलय उस पार्टी में होगा, जो पहले से ही निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकृत है।
सूत्रों ने बताया कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, इस तरह के विलय से विधायकों को अयोग्यता से सुरक्षा मिलेगी।
संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत, अयोग्यता से संरक्षण तभी मिलता है, जब किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई विधायक किसी अन्य दल के साथ विलय करने के लिए सहमत हों।
वर्तमान में, राज्य में जद(एस) के दो विधायक हैं – तिरुवल्ला से मैथ्यू टी थॉमस और चित्तूर से राज्य के ऊर्जा मंत्री के कृष्णनकुट्टी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राज्य में इस साल अप्रैल तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
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यासिर दिलीप
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