कोच्चि, पांच जून (भाषा) वर्ष 2017 में अभिनेत्री पर हुए हमले के मामले की पीड़िता ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अधीनस्थ अदालतों के संरक्षण में रखे गए उस मेमोरी कार्ड तक कथित अवैध पहुंच की नये सिरे से जांच की मांग की है, जिसमें उसके साथ हुए सामूहिक बलात्कार के दृश्य थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर के माध्यम से दायर अपनी याचिका में अभिनेत्री ने दावा किया है कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर निचली अदालत द्वारा की गई पिछली सुनवाई ‘‘नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का प्रत्यक्ष उल्लंघन’’ थी।
याचिका में दावा किया गया है कि मेमोरी कार्ड तक कथित अवैध पहुंच ने उन्हें ‘‘पुनः पीड़िता’’ बना दिया और ‘‘फिर से आघात’’ पहुंचाया है, क्योंकि वह इस मामले में अदालत से न्याय की प्रतीक्षा कर रही थीं।
अभिनेत्री के अनुसार, यौन उत्पीड़न के वीडियो वाले मेमोरी कार्ड को जनवरी 2018 से जुलाई 2021 के बीच तीन बार हासिल किया गया, जब वह अदालतों के संरक्षण में था।
वर्ष 2017 में एक बहुभाषी अभिनेत्री पर हुए हमले ने, जिसमें बदमाशों ने 17 फरवरी को उनकी कार में जबरन घुसकर उन्हें दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा था, केरल के समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
मुख्य आरोपी पल्सर सुनी ने चलती कार में अभिनेत्री का यौन उत्पीड़न किया और अन्य दोषियों की मदद से इस घटना का वीडियो बनाया।
अभिनेता दिलीप, जिन पर अपराध में साजिश रचने का आरोप था, को जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, लगभग छह साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने उन्हें दोषी नहीं पाया।
भाषा सुभाष धीरज
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