रक्षा मंत्रालय के लिये अनुमानित एवं आवंटित बजट में विसंगति है : समिति

रक्षा मंत्रालय के लिये अनुमानित एवं आवंटित बजट में विसंगति है : समिति

रक्षा मंत्रालय के लिये अनुमानित एवं आवंटित बजट में विसंगति है : समिति
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: March 26, 2021 1:37 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने रक्षा मंत्रालय के लिये अनुमानित और आवंटित बजट में विसंगति होने का उल्लेख करते हुए कहा है कि रक्षा मंत्रालय को निश्चित रूप से संशोधित प्राक्कलन के स्तर पर अतिरिक्त धनराशि आवंटित करने के विषय को वित्त मंत्रालय के समक्ष उठाना चाहिए ।

संसद में पेश जुआल ओराम की अध्यक्षता वाली रक्षा मंत्रालय संबंधी अनुदान की मांगों से जुड़ी स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है । समिति ने रक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021-22 के लिये अनुदान की मांगों के संबंध में उपलब्ध कराये गए दस्तावेजों की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि इसमें रक्षा मंत्रालय के लिये अनुमानित और आवंटित बजट में विसंगति है ।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल रक्षा बजट के लिये वर्ष 2021-22 के बजट प्रावधान में अनुमानित 6,22,800 करोड़ रूपये की तुलना में 4,78,195 करोड़ रूपये आवंटित किये गए हैं जो 1,44,604 करोड़ रूपये कम है।

इसके अनुसार, हैरानी की बात यह है कि रक्षा बजट के लिये 2021-22 के बजट प्राक्कलन, वर्ष 2020-21 के संशोधित प्राक्कलनों से कम है ।

कुछ वर्षो के बजट आवंटन की प्रवृति दर्शाती है कि किसी भी वित्तीय वर्ष के लिये रक्षा बजट हेतु आवंटित राशि हमेशा पिछले वित्तीय वर्ष के संशोधित प्राक्कलनों की तुलना में अधिक होती है ।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021-22 के पूंजीगत परिव्यय में वर्ष 2020-21 की तुलना में 18.75 प्रतिशत की अच्छी खासी वृद्धि हुई है । परिचालनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये गैर वेतन राजस्व शीर्ष के अंतर्गत आवंटन में भी वर्ष 2020-21 की तुलना में 6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई ।

इसमें कहा गया है कि चर्चा के दौरान इस विषय पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने समिति को अवगत कराया कि आवंटित धन से देश की सीमाओं के संबंध में परिचालन तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने समिति से कहा कि खरीद के लिये चरणबद्ध भुगतान हेतु बजट का अधिकाधिक उपयोग किया जाता है । खरीद प्रक्रिया आसान नहीं है क्योंकि अपेक्षित उपकरण और आयुद्ध घरेलू या विश्व बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं ।

समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि रक्षा मंत्रालय को निश्चित रूप से संशोधित प्राक्कलन के स्तर पर अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जानी चाहिए । इसे तत्काल वित्त मंत्रालय के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया जाना चाहिए ।

भाषा दीपक माधव

दीपक पवनेश

पवनेश


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