सोनिया गांधी की आलोचना का कोई मतलब नहीं, कांग्रेस के शासन में कई प्रश्नपत्र लीक हुए: भाजपा

सोनिया गांधी की आलोचना का कोई मतलब नहीं, कांग्रेस के शासन में कई प्रश्नपत्र लीक हुए: भाजपा

सोनिया गांधी की आलोचना का कोई मतलब नहीं, कांग्रेस के शासन में कई प्रश्नपत्र लीक हुए: भाजपा
Modified Date: July 24, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: July 24, 2026 1:52 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छात्रों के प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके की कांग्रेस नेता सोनिया गांधी द्वारा की गई आलोचना को शुक्रवार को खारिज करते हुए विपक्ष पर इस मुद्दे से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

सोनिया ने कहा था कि छात्रों ने जवाबदेही और शैक्षणिक सुधार की मांग की है, लेकिन मोदी सरकार ने ‘‘उनकी बहादुरी का जवाब कायरता और निर्मम क्रूरता से दिया है, उनके साथ भविष्य के कर्णधारों की तरह नहीं, बल्कि देश के शत्रुओं की तरह व्यवहार किया है।’’

उन्होंने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिंदू’ के लिए लिखे लेख में यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें सीधी और स्पष्ट हैं कि भारत सरकार की जवाबदेही तय हो और शिक्षा में सुधार किया जाए।

सोनिया के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस को आलोचना करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आपको लगता है कि ऐेसे लेख का कोई मतलब है? कांग्रेस के पास क्या नैतिक अधिकार बचा है? कांग्रेस झूठ की दुकान है।’’

दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के मुद्दे का लाभ उठा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस छात्रों के प्रदर्शन पर जनता की प्रतिक्रिया देखने के बाद ही आंदोलन में कूदी। उसने खुद कोई आंदोलन शुरू नहीं किया।’’

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा की गई आलोचना का कोई मतलब नहीं है क्योंकि कांग्रेस नीत सरकार के कार्यकाल में अनेक प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन किसी ने न तो इस्तीफा मांगा और ना ही किसी ने दिया।

भाषा वैभव सिम्मी

सिम्मी


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