दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सरकारी अधिकारी बनकर यात्रियों को लूटने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार

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दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सरकारी अधिकारी बनकर यात्रियों को लूटने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 05:45 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास भोले-भाले यात्रियों को ठगने और लूटने के लिए सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने के आरोप में एक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिल्ली के फतेहपुर बेरी निवासी ऑटो चालक कृष्ण कुमार (50), आगरा निवासी रवि कुमार (50) और फतेहपुर बेरी निवासी राहुल गुप्ता (32) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाया तथा खुद को ‘‘सुरक्षा सत्यापन’’ करने वाले अधिकारी के रूप में पेश किया।

पुलिस ने बताया कि कृष्ण अपने ऑटो में पीड़ितों को बिठाता था, राहुल उनका विश्वास जीतने के लिए सह-यात्री होने का नाटक करता था, जबकि कथित सरगना — रवि कुमार एक सरकारी अधिकारी होने का नाटक करते हुए फर्जी सत्यापन करता था।

जांच के बहाने आरोपी पीड़ितों से नकदी और एटीएम कार्ड ले लेते थे, पिन प्राप्त कर लेते थे और मूल कार्ड को एक लिफाफे में रखे गए नकली कार्डों से बदल देते थे, जिसे पीड़ितों को घर पहुंचने के बाद ही खोलने के लिए कहा जाता था।

पुलिस ने बताया कि गिरोह चोरी किए गए कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकालता था।

कमला मार्केट थाने में 12 मार्च को पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के जरिए डकैती की सूचना प्राप्त हुई जिसके बाद यह मामला सामने आया।

फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह बिहार के दरभंगा से दिल्ली पहुंचा था और टैगोर रोड कट के पास बस का इंतजार कर रहा था, तभी एक ऑटो चालक उसके पास आया और उसे बदरपुर तक लिफ्ट देने की पेशकश की।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान, दो और व्यक्ति ऑटो में सवार हुए, जिनमें से एक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और सुरक्षा सत्यापन के बहाने शिकायतकर्ता के सामान की जांच शुरू कर दी।

आरोपी ने पीड़ित से 13,000 रुपये नकद और उसका एटीएम कार्ड ले लिया तथा उसे एक लिफाफा सौंपते हुए दावा किया कि उसका सामान उसके अंदर है।

शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि सामान गायब है और फिर उसे पता चला कि उसके खाते से 52,000 रुपये निकाल लिए गए हैं।

भाषा यासिर नरेश

नरेश